त्रिपुरा में बड़ी त्रासदी: डीजीपी अनुराग धनखड़ ने की खुदकुशी, पुलिस महकमे में शोक की लहर
त्रिपुरा में बड़ी त्रासदी: डीजीपी अनुराग धनखड़ ने की खुदकुशी, पुलिस महकमे में शोक की लहर
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को मृत पाए गए। पुलिस और प्रशासनिक हलकों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी सर्विस पिस्तौल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। इस खबर के सामने आते ही राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें तुरंत अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (GB) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजहों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
कौन थे आईपीएस अनुराग धनखड़? (प्रोफाइल और उपलब्धियां)
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी थे। वे अपने पीछे एक बेहद शानदार और अनुशासित करियर छोड़ गए हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता और उनके करियर का सफरनामा इस प्रकार है:
उच्च शैक्षणिक योग्यता: उन्होंने CFTRI, मैसूर से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया था। इसके अलावा, उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री और NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद से साइबर क्राइम में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा हासिल किया था। वे अमेरिका (USA) के ACFE से एक ‘सर्टिफाइड फ्रॉड एग्जामिनर’ भी थे।
त्रिपुरा में जमीनी अनुभव: साल 1995 से 2003 के दौरान उन्होंने त्रिपुरा में SDPO (लॉन्गथराई वैली) और पश्चिम व दक्षिण त्रिपुरा जिलों के एसपी (SP) के रूप में सेवाएं दीं। वे स्पेशल ब्रांच में एसपी और AIGP (मुख्यालय) भी रहे।
अंतरराष्ट्रीय और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Deputation):
वर्ष 2003-04 के दौरान उन्होंने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र (UN) मिशन में काम किया।
वे दो बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे, जहां उन्होंने सीबीआई (CBI) में एसपी, डीआईजी, संयुक्त निदेशक (Joint Director) और अतिरिक्त निदेशक के महत्वपूर्ण पदों को संभाला।
उन्होंने CISF में आईजी (पर्सनल) और BPR&D में आईजी (रिसर्च) के तौर पर भी काम किया।
सिख विरोधी दंगा SIT के अध्यक्ष: उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत 1984 के सिख-विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं।
शीर्ष सम्मान: उनकी सराहनीय और विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘पुलिस पदक’ और ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से सम्मानित किया जा चुका था।
हाल ही में संभाली थी डीजीपी की कमान
केंद्रीय डेप्युटेशन से लौटने के बाद अनुराग धनखड़ लगातार त्रिपुरा पुलिस में शीर्ष पदों पर रहे। 18 सितंबर, 2023 को उन्होंने त्रिपुरा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) का पदभार संभाला। इसके बाद 1 जनवरी, 2024 को उन्हें पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) नियुक्त किया गया।
उनकी बेहतरीन कार्यशैली को देखते हुए 17 मई, 2025 को उन्हें त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया था। उनके इस तरह अचानक चले जाने से पूरे राज्य और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) बिरादरी में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है।
