अमेरिका-ईरान संघर्ष सबसे खतरनाक दौर में: परमाणु साइट पर हमला, कुवैत के वाटर प्लांट पर मिसाइल दागने से संकट गहराया
अमेरिका-ईरान संघर्ष सबसे खतरनाक दौर में: परमाणु साइट पर हमला, कुवैत के वाटर प्लांट पर मिसाइल दागने से संकट गहराया
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब अपने सबसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘हर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के पास ओमान के तट पर सोमवार सुबह एक कमर्शियल जहाज में भीषण आग लग गई, जिसने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
अमेरिका का लगातार 9वीं रात हमला, परमाणु साइट को बनाया निशाना
अमेरिकी सैन्य अभियान के नौवें दिन हमलों का दायरा बढ़ाते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के अंदरूनी बुनियादी ढांचों, जैसे पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया।
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुजेस्तान में निर्माणाधीन ‘दारखोविन’ (Darkhovin) न्यूक्लियर पावर प्लांट पर मिसाइलों और रॉकेटों से सीधा हमला किया है। ईरानी उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन और अमेरिकी गुंडागर्दी करार दिया है।
IAEA की रिपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने साफ किया है कि यह प्लांट अभी शुरुआती चरण में था। वहाँ कोई परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी, जिसके चलते किसी प्रकार के रेडियोधर्मी विकिरण (Radiation) का रिसाव नहीं हुआ है।
हमले का इतिहास: वर्ष 2026 में किसी परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर यह पहला प्रत्यक्ष हमला है। इससे पहले जून 2025 में अमेरिका ने नतांज और इस्फहान जैसी परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया था। इसके अलावा सोमवार को ईरान के दक्षिणी शहर बुशहर में भी कई जगहों पर बमबारी की खबर है।
एक और अमेरिकी सैनिक की मौत, कुल आंकड़ा 17 पहुंचा
इस भीषण संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी जवानों की मौत हो चुकी है। शनिवार को इराक में एक ईरानी ड्रोन को नष्ट करने के दौरान ‘नियंत्रित विस्फोट’ में एक अमेरिकी सैनिक मारा गया। वहीं, जॉर्डन में हुए हमले के बाद लापता चल रहे एक अन्य सैनिक के अवशेष भी रविवार को बरामद कर लिए गए। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के खिलाफ उसकी जवाबी कार्रवाई तब तक नहीं रुकेगी, जब तक अमेरिका हवाई हमले बंद नहीं कर देता।
जॉर्डन और कुवैत पर ईरानी मिसाइल हमले; युद्ध अपराध के आरोप
अमेरिकी बमबारी के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। जॉर्डन की सेना ने कई मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। वहीं, कुवैत के एक पावर और डिसेलिनेशन (पानी को पीने योग्य बनाने वाले) प्लांट पर लगातार दूसरे दिन हमला हुआ है, जिससे वहाँ भीषण आग लग गई। कुवैत के लिए यह बेहद गंभीर संकट है क्योंकि देश का 90% पीने का पानी इसी प्लांट से आता है।
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदाईवी ने ईरान की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने ईरान पर नागरिक बुनियादी ढांचे (बिजली, पानी, पुल) को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत सीधा ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है।
