तेहरान के चौराहे पर डोनाल्ड ट्रंप के ‘ताबूत’ वाला विवादित बिलबोर्ड, बदला लेने के लिए ईरान ने बनाया नया प्लान
तेहरान के चौराहे पर डोनाल्ड ट्रंप के ‘ताबूत’ वाला विवादित बिलबोर्ड, बदला लेने के लिए ईरान ने बनाया नया प्लान
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब बेहद आक्रामक और निजी स्तर पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच जारी हमलों के सिलसिले के बीच ईरान ने अपनी विजुअल कम्युनिकेशन रणनीति के तहत एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। तेहरान के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, ‘एंगेलाब स्क्वायर’ (Enghelab Square) में एक विशालकाय और विवादित बिलबोर्ड लगाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ताबूत में लेटे हुए दिखाया गया है।
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा था कि ईरान उन्हें मारने की साजिश रच रहा है। वहीं, ईरान के नए सुप्रीम कमांडर मोजतबा खामेनेई ने भी अपने पिता की शोकसभा के दौरान साफ कर दिया था कि उनका देश बदला लिए बिना नहीं मानेगा।
बिलबोर्ड पर क्या दिखाया गया है?
तेहरान के मध्य में स्थित एंगेलाब स्क्वायर पर लगे इस नए होर्डिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शरीर एक खुले काले ताबूत के भीतर दिखाया गया है।
विजुअल्स: तस्वीर में ट्रंप के बाल बिखरे हुए हैं, आंखें और मुंह बंद हैं और उनके हाथ बाहर निकले हुए पेट पर रखी लाल टाई पर टिके हैं।
कड़ी धमकियां: इस काले ताबूत पर फारसी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में सीधे तौर पर “हम ट्रंप को मार डालेंगे” जैसी गंभीर धमकियां लिखी गई हैं।
शहीदों को श्रद्धांजलि: ताबूत की पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) पर बनी सफेद ग्रैफिटी एक ब्लैकबोर्ड दीवार जैसी दिखती है, जिस पर पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को शहीद बताया गया है। साथ ही दक्षिणी ईरान के शहर मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले को याद करते हुए लिखा गया है, “मिनाब के बच्चों की याद में।”
इस बिलबोर्ड के ठीक पास एक विशाल मूर्ति भी लगाई गई है, जो ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की बंद मुट्ठी को दर्शाती है। अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या इस युद्ध की शुरुआत में ही अमेरिकी-इजरायली हमले में कर दी गई थी।
सार्वजनिक जगहों को ‘प्रोपेगैंडा टूल’ बनाता रहा है ईरान
ईरान के लिए राजनीतिक और वैचारिक संदेश देने के लिए सार्वजनिक स्थलों का इस्तेमाल करना कोई नई बात नहीं है। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ही तेहरान की प्रमुख जगहों पर ऐसे कई पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए जा चुके हैं:
मई का विवादित बिलबोर्ड: मई महीने में पश्चिमी देशों और अमेरिकी दर्शकों को निशाना बनाते हुए एक द्विभाषी (Bilingual) बिलबोर्ड लगाया गया था, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप का मुंह सिल दिया गया था। उस पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की तस्वीर के साथ अंग्रेजी में “द ब्रेकिंग पॉइंट” लिखा था।
सैन्य ताकत का प्रदर्शन: एक अन्य बिलबोर्ड पर फारस की खाड़ी में फैले मछली पकड़ने के एक विशाल जाल को दिखाया गया था, जिसमें अमेरिकी युद्धक विमान, ड्रोन और नौसेना के जहाज फंसे हुए नजर आ रहे थे।
हिट लिस्ट में हैं दुनिया के 13 बड़े नेता
यह नया बिलबोर्ड ईरानी जनता के भीतर सुलग रही बदले की भावना को सीधे तौर पर दिखाता है। हाल ही में ईरान के एक रूढ़िवादी अखबार ने उन वैश्विक नेताओं की एक ‘हिट लिस्ट’ (टारगेट सूची) भी जारी की थी, जिन्हें अयातुल्ला खामेनेई की मौत का जिम्मेदार मानते हुए निशाना बनाया जाना है।
इस लिस्ट में दुनिया के 13 बड़े नेताओं की तस्वीरें और नाम शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर
इस ताजा घटनाक्रम और तेहरान के चौराहे पर डोनाल्ड ट्रंप को ताबूत में दिखाए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान फिलहाल युद्ध को समाप्त करने या समझौते के मूड में बिल्कुल नहीं है, बल्कि वह किसी भी हद तक जाकर बदला लेने की तैयारी कर रहा है।
