राजनीति

परिसीमन बिल पर केंद्र के करीब आ रही NCP (SP)? सुप्रिया सुले ने कहा— ‘50% वाली शर्त लिखित में दें, फिर करेंगे विचार’

परिसीमन बिल पर केंद्र के करीब आ रही NCP (SP)? सुप्रिया सुले ने कहा— ‘50% वाली शर्त लिखित में दें, फिर करेंगे विचार’

​नई दिल्ली: संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले देश की सियासत में ‘विवादित परिसीमन बिल’ (Delimitation Bill) को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) की वरिष्ठ सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को संकेत दिया कि यदि केंद्र सरकार राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लिखित आश्वासन देती है, तो उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन करने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने एनसीपी के एनडीए (NDA) में शामिल होने की तमाम अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

​किरेन रिजिजू के पास है ‘50% का नया फॉर्मूला’

​संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद सुप्रिया सुले ने मीडिया के सामने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

​सुप्रिया सुले के मुख्य बयान:

​लिखित प्रस्ताव की मांग: सुले ने कहा, “सरकार के पास बिल में 50% की सीमा (कैप) शामिल करने का एक प्रस्ताव है। लेकिन जब तक नया बिल हमारे पास नहीं आ जाता, मैं आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कह सकती। सरकार ’50 प्रतिशत वाली शर्त’ लिखित में दे, फिर हम अपनी पार्टी में इस पर चर्चा करेंगे।”

​दक्षिण के राज्यों की चिंता: उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर परिसीमन का आधार केवल आबादी को बनाया गया, तो यह उन दक्षिणी राज्यों के साथ घोर अन्याय होगा जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतरीन काम किया है। अमित शाह और किरेन रिजिजू ने इसी असंतुलन को रोकने के लिए हर राज्य के लिए 50 प्रतिशत सीटों की बढ़ोतरी का फॉर्मूला प्रस्तावित किया है।

​महिला आरक्षण जैसा रुख: सुले ने याद दिलाया कि जिस तरह महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ था, सरकार इस पर भी आम सहमति बनाने की कोशिश में है। रिजिजू ने इस संबंध में अरविंद सावंत (शिवसेना UBT), असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) सहित कांग्रेस, सपा और डीएमके से भी बात की है।

​”हम इंडिया गठबंधन में हैं, NDA में जाने का सवाल ही नहीं”

​परिसीमन बिल पर सरकार के साथ बातचीत के बाद राजनीतिक गलियारों में यह अफवाह उड़ने लगी कि शरद पवार का गुट एनडीए में शामिल हो सकता है। इन अटकलों पर विराम लगाते हुए सुप्रिया सुले ने कहा:

​”हमारे बारे में फैलाई जा रही सभी खबरें महज ‘सूत्रों’ पर आधारित अफवाहें हैं, जिनका मकसद हमारी पार्टी की छवि खराब करना है। हमारे कहीं और जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता, हम मजबूती से ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के साथ खड़े हैं।”

​पी. चिदंबरम का दावा: NCP (SP) और DMK को लुभा रही है भाजपा

​यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे दिन सामने आया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक चौंकाने वाला दावा किया। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की टीएमसी (TMC) में फूट डालने के बाद, अब भाजपा 131वें संविधान संशोधन बिल (परिसीमन बिल) को पास कराने के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने के उद्देश्य से NCP (SP) और DMK को लुभाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दोनों क्षेत्रीय दलों से इस बिल का समर्थन न करने की अपील की है।

​क्या मॉनसून सत्र में पास हो पाएगा बिल?

​गौरतलब है कि यह विवादित बिल इसी साल अप्रैल में संसद में गिर गया था, क्योंकि मोदी सरकार इसे पास कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई (2/3) बहुमत नहीं जुटा पाई थी।

​NDA की स्थिति: हालांकि हाल के दिनों में विपक्ष में हुई टूट के कारण एनडीए की संख्या में सुधार हुआ है, लेकिन संविधान संशोधन के लिए जादुई आंकड़ा अब भी दूर है।

​DMK पर नजरें: तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके (TVK) के नए समीकरणों के चलते द्रमुक (DMK) और इंडिया गठबंधन के रिश्तों में आई कथित खटास ने भी केंद्र सरकार की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

​सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले हफ्ते से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र में इस बिल को पेश करने की इच्छुक तो है, लेकिन वह कदम तभी आगे बढ़ाएगी जब उसे दोनों सदनों में दो-तिहाई समर्थन का पुख्ता भरोसा मिल जाएगा।

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