गढ़वाल को दोहरी सौगात: 18 जुलाई से चलेगी रामनगर-देहरादून सीधी ट्रेन, लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर भी कमर्शियल वाहनों को हरी झंडी
गढ़वाल को दोहरी सौगात: 18 जुलाई से चलेगी रामनगर-देहरादून सीधी ट्रेन, लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर भी कमर्शियल वाहनों को हरी झंडी
देहरादून, 14 जुलाई 2026: उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के निवासियों के लिए आज का दिन दोहरी खुशखबरी लेकर आया है। गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने क्षेत्रवासियों को एक ही दिन में दो बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सौगातों की जानकारी दी है। इनमें लंबे समय से प्रतीक्षित रामनगर–देहरादून सीधी ट्रेन सेवा और लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर विभिन्न कमर्शियल वाहनों के संचालन की अनुमति शामिल है।
सांसद बलूनी का कहना है कि इन दोनों बड़े फैसलों से गढ़वाल में विकास, पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आम जनता के आवागमन को एक नई और तेज गति मिलेगी।
1. रामनगर–देहरादून सीधी ट्रेन सेवा का शुभारंभ
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि क्षेत्र की जनता की बेहद पुरानी और प्रमुख मांग को पूरा करते हुए 18 जुलाई 2026 से रामनगर और राजधानी देहरादून के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने जा रही है।
शुरुआती शेड्यूल: शुरुआती चरण में यह ट्रेन हफ्ते में दो दिन संचालित की जाएगी।
भविष्य में विस्तार: यात्रियों की बढ़ती संख्या और फीडबैक के आधार पर आने वाले समय में इसके संचालन को हफ्ते में 4 या 5 दिन तक बढ़ाया जाएगा।
पर्यटन और स्थानीय लोगों को लाभ: ‘कॉर्बेट सिटी’ के नाम से मशहूर रामनगर उत्तराखंड का एक वैश्विक पर्यटन केंद्र है। इस सीधी ट्रेन से स्थानीय लोगों को देहरादून आने-जाने में आसानी होगी, साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु कॉर्बेट नेशनल पार्क व उत्तराखंड के अन्य धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक बेहद सुगमता से पहुंच सकेंगे।
नेतृत्व का आभार: सांसद ने इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
2. लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर वाहनों को मिली मंजूरी
क्षेत्र की दूसरी बड़ी उपलब्धि की जानकारी देते हुए अनिल बलूनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर कमर्शियल वाहनों के संचालन को लेकर बने लंबे असमंजस को अब पूरी तरह खत्म कर दिया है। कमेटी के रुख के बाद इस मार्ग पर अधिकांश आवश्यक वाहनों के चलने का रास्ता साफ हो गया है।
अब इन वाहनों को मिली अनुमति:
सार्वजनिक सवारी वाहन और राज्य परिवहन की सरकारी बसें।
जीएमओयू (GMOU) की बसें और स्कूली बसें।
स्थानीय किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली।
भवन निर्माण सामग्री (रेत, बजरी आदि) ले जाने वाले मालवाहक वाहन।
विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर
इस फैसले से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं, किसानों और व्यापारियों को सालों से चली आ रही व्यावहारिक परिवहन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि हाल ही में हुए धनगढ़ी पुल के लोकार्पण के बाद अब ये दोनों नए फैसले गढ़वाल के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। इससे न केवल पर्यटन और व्यापार फलेगा-फूलेगा, बल्कि शिक्षा और जनसुविधाओं का भी व्यापक विस्तार होगा।
