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लाल सागर में कार्गो जहाज पर हमला; छोटी नाव से आई संदिग्धों की भीड़ ने की गोलीबारी, ब्रिटिश सेना ने जारी की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय न्यूज़: लाल सागर में कार्गो जहाज पर हमला; छोटी नाव से आई संदिग्धों की भीड़ ने की गोलीबारी, ब्रिटिश सेना ने जारी की चेतावनी

​यमन के तट के पास लाल सागर में रविवार को एक बड़े कार्गो जहाज (बल्क कैरियर) पर अज्ञात हमलावरों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। संघर्ष प्रभावित पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग में जहाजों पर हमले की यह ताजा घटना है। ब्रिटिश सैन्य एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने होदेइदाह तटीय शहर के पास इस हमले की पुष्टि की है। बता दें कि यह तटीय इलाका ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में आता है।

​कैसे और कहां हुआ यह हमला?

​UKMTO द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, यह हमला यमन के होदेइदाह शहर से करीब 30 नॉटिकल मील (लगभग 55 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में हुआ।

​गोलीबारी की शुरुआत: एक छोटी नाव (स्किफ) अचानक बल्क कैरियर जहाज के बेहद करीब आई और उस पर सवार हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

​जवाबी कार्रवाई: जहाज पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत जवाबी कार्रवाई की।

​हमलावर फरार: सुरक्षा गार्डों की तरफ से हुई फायरिंग के बाद हमलावर अपनी नाव का ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद करके वहां से करीब 2 नॉटिकल मील (3.7 किलोमीटर) दूर खड़े एक बड़े जहाज की तरफ भाग निकले।

​क्रू और जहाज सुरक्षित, ब्रिटिश सेना ने जारी की चेतावनी

​ब्रिटिश सैन्य एजेंसी ने राहत की बात बताते हुए कहा कि हमले के बाद भी कार्गो जहाज और उसके चालक दल (क्रू) के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहाज अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहा है और अधिकारी इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

​फिलहाल किसी भी समूह या संगठन ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर दोबारा हमले शुरू करने की धमकी दी थी। इस घटना को लेकर हूती प्रवक्ता की तरफ से भी तुरंत कोई बयान सामने नहीं आया है। UKMTO ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत संपर्क करने की चेतावनी जारी की है।

​क्यों महत्वपूर्ण है यह समुद्री मार्ग और क्या है खतरा?

​रास्ता बदलने को मजबूर कंपनियां: हूती विद्रोही इससे पहले भी गाजा युद्ध के दौरान लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित संकरी ‘बाब अल-मंदेब’ जलसंधि से गुजरने वाले जहाजों पर ड्रोन और मिसाइलें दाग चुके हैं। इन हमलों के डर से कई वैश्विक शिपिंग कंपनियों को स्वेज नहर का रास्ता छोड़कर अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) से लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

​सोमाली समुद्री लुटेरों की सक्रियता: लाल सागर के अलावा अदन की खाड़ी में भी सोमाली समुद्री लुटेरे एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। इसी साल 1 जुलाई को भी दक्षिण-पूर्वी यमन के बलहाफ बंदरगाह से 76 नॉटिकल मील (140 किलोमीटर) दूर एक छोटी नाव पर सवार चार हथियारबंद लोगों ने एक जहाज पर हमला किया था, जिससे जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को मामूली नुकसान पहुंचा था।

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