E30 पेट्रोल की तैयारी तेज: हाई इथेनॉल ब्लेंड को छूट, लेकिन आपकी गाड़ी पर क्या असर?
E30 पेट्रोल की तैयारी तेज: हाई इथेनॉल ब्लेंड को छूट, लेकिन आपकी गाड़ी पर क्या असर?
नई दिल्ली: केंद्र सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को और बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने हाल ही में E22, E25, E27 और E30 ईंधन के नए मानक जारी कर दिए हैं। E30 में पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिलाया जाएगा। सरकार ने उच्च इथेनॉल ब्लेंड (E22 से E30) पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी माफ करने का फैसला लिया है, जिससे यह ईंधन सस्ता हो सकता है।
यह कदम बढ़ते क्रूड ऑयल के दामों, मिडिल ईस्ट तनाव और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है। E20 ब्लेंडिंग पहले ही 2025 में लक्ष्य से पहले पूरा कर लिया गया था, जिससे विदेशी मुद्रा बचत और किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। अब E30 की ओर बढ़ने से तेल आयात पर निर्भरता और कम होगी।
आपकी गाड़ी पर क्या होगा असर?
माइलेज में कमी: इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व पेट्रोल से कम होती है। E20 में ही कई वाहनों में 3-8% माइलेज घटने की शिकायतें आई हैं। E30 पर यह और बढ़ सकती है, जिससे ज्यादा बार रिफ्यूलिंग करनी पड़ सकती है। नई गाड़ियों में यह प्रभाव कम, पुरानी गाड़ियों में ज्यादा हो सकता है।
इंजन और पार्ट्स पर प्रभाव: पुरानी गाड़ियों (खासकर 2015 से पहले की) में ईंधन लाइन, सील, गास्केट और इंजन पार्ट्स में जंग या घिसाव का खतरा बढ़ सकता है क्योंकि इथेनॉल नमी सोखने वाला (हाइग्रोस्कोपिक) और थोड़ा संक्षारक होता है। नई BS-VI और E20 कंप्लायंट गाड़ियों में सामग्री अपग्रेडेड होती है, इसलिए E30 तक चलने में ज्यादा समस्या नहीं होनी चाहिए, हालांकि माइलेज में हल्की गिरावट रह सकती है।
परफॉर्मेंस: कुछ मामलों में पिकअप या एक्सेलरेशन प्रभावित हो सकता है, लेकिन इथेनॉल का हाई ऑक्टेन नंबर नॉकिंग कम कर सकता है।
सरकार का पक्ष: पर्यावरणीय फायदे (CO₂ उत्सर्जन कम), किसान आय बढ़ना और तेल आयात बचत। कई नए वाहन पहले से ही उच्च ब्लेंड के लिए तैयार किए जा रहे हैं।
चेतावनी: पुरानी गाड़ी वाले मालिकों को सलाह है कि E30 इस्तेमाल से पहले सर्विस सेंटर से चेक कराएं। सरकार चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात कर रही है, जिसमें अलग-अलग ब्लेंड के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
यह बदलाव ऊर्जा सुरक्षा और हरित ईंधन की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन उपभोक्ताओं को माइलेज और रखरखाव का ध्यान रखना होगा। आगे की अपडेट्स के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।
(सभी आंकड़े और जानकारियां हालिया सरकारी अधिसूचनाओं तथा रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।)
