मनोरंजन

सुरों की मल्लिका सुमन कल्याणपुर का निधन; 89 की उम्र में ली अंतिम सांस

सुरों की मल्लिका सुमन कल्याणपुर का निधन; 89 की उम्र में ली अंतिम सांस

​मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर है। मशहूर और दिग्गज प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर का रविवार (31 मई 2026) को 89 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई स्थित अपने निजी आवास पर अंतिम सांस ली। उनके जाने से देश के सुगम और सदाबहार संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित सुमन जी की आवाज स्वर कोकिला लता मंगेशकर से इतनी मिलती-जुलती थी कि अक्सर बड़े-बड़े पारखी भी दोनों की आवाज में फर्क नहीं कर पाते थे।

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर दिग्गज नेता शरद पवार ने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा कर इस दुखद खबर की जानकारी देश को दी।

​शरद पवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

​NCP नेता शरद पवार ने दिवंगत गायिका को याद करते हुए लिखा:

​”दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर बेहद दुखद है। अपनी मधुर, सुरीली और रूह को छू लेने वाली आवाज से उन्होंने भारतीय संगीत जगत को नई पहचान दिलाई। हिंदी, मराठी और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उनके अमर गीतों ने पीढ़ियों के दिलों पर राज किया है। उनके निधन के साथ ही भारतीय शास्त्रीय और सुगम संगीत के क्षेत्र में एक स्वर्णिम युग का समापन हो गया है। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”

​बचपन का नाम ‘सुमन हेम्मादी’ और संगीत का सफर

​शुरुआती बंदिशें: सुमन कल्याणपुर का जन्म के समय नाम ‘सुमन हेम्मादी’ था। संगीत के प्रति गहरा लगाव होने के बावजूद शुरुआती दिनों में उनके परिवार ने उन्हें सबके सामने स्टेज पर परफॉर्म करने की इजाजत नहीं दी थी।

​करियर की शुरुआत: तमाम बंदिशों के बीच उन्होंने साल 1952 में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) के लिए अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया। इसके बाद 1953 में आई मराठी फिल्म ‘शुक्र ची चांदनी’ से उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा।

​हिंदी सिनेमा में एंट्री: हिंदी फिल्मों में उनके सफर की शुरुआत साल 1954 में आई फिल्म ‘मंगू’ के साथ हुई थी।

​सुमन जी की बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हिंदी और मराठी के अलावा बंगाली, असमिया, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी, राजस्थानी, उड़िया और पंजाबी सहित 11 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में सैकड़ों कालजयी गाने गाए।

​इन यादगार फिल्मों को दी अपनी आवाज

​अपने शानदार करियर में सुमन कल्याणपुर ने हिंदी सिनेमा के कई दिग्गज संगीतकारों जैसे एस. डी. बर्मन, शंकर जयकिशन, रोशन और मदन मोहन कोहली के साथ काम किया। उनके गाए गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं। उन्होंने मुख्य रूप से इन फिल्मों के गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया:

​दिल एक मंदिर

​पाकीजा

​सांझ और सवेरा

​दिल ही तो है

​बात एक रात की

​मियां बीबी राजी

​नूर जहां

​जहां आरा

​शगून

​साथी

​अंतिम संस्कार की जानकारी का इंतजार

​सुर साम्राज्ञी सुमन कल्याणपुर के निधन के बाद से ही बॉलीवुड और संगीत जगत में शोक की लहर है। हालांकि, उनके अंतिम संस्कार को लेकर अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक समय या विवरण साझा नहीं किया गया है। प्रशंसक और संगीत प्रेमी उनके अंतिम दर्शन से जुड़ी जानकारियों का इंतजार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *