पाकिस्तान में कुदरत का कहर: खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और तूफान से भारी तबाही, 2 की मौत और 11 घायल
पाकिस्तान में कुदरत का कहर: खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और तूफान से भारी तबाही, 2 की मौत और 11 घायल
इस्लामाबाद: पाकिस्तान का उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा (KPK) इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। प्रांत में हुई मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और तेज तूफान के कारण कई हादसे हुए हैं, जिनमें कम से कम दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
पाकिस्तान के प्रतिष्ठित दैनिक अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल इंसानी जानों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि सैकड़ों परिवारों के आशियाने और बुनियादी ढांचे को भी तहस-नहस कर दिया है।
घरों और स्कूलों पर गिरा मलबा, कई इमारतें जमींदोज
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारी बारिश और तूफान की वजह से सूबे के कई जिलों में मकान ढहने और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं:
मरदान में मौतें: बारिश से जुड़ी सबसे घातक घटनाएं मरदान जिले में हुईं, जहां दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। वहीं बट्टाग्राम, स्वात और मरदान में कुल 11 लोग मलबे में दबने से घायल हुए हैं।
शांगला और बट्टाग्राम में तबाही: शांगला जिले में तीन घर पूरी तरह से जमींदोज (तबाह) हो गए, जबकि बट्टाग्राम में भी एक मकान पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इसके अलावा, शांगला में एक स्कूल की इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
आंशिक नुकसान: प्रांत के अलग-अलग इलाकों में 27 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। इनमें तोरघर के पांच, स्वात के दो, ऊपरी दीर का एक और मरदान का एक घर शामिल है।
फसलों और मवेशियों को भारी नुकसान, 23 मई तक अलर्ट जारी
इस बेमौसम और भीषण बारिश ने पाकिस्तान के किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज आंधी और पानी के कारण कई इलाकों में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा, छतें और दीवारें गिरने से कई मवेशियों (पशुधन) की भी मौत हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राहत की उम्मीद अभी कम है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 23 मई तक देश के ऊपरी हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने और बीच-बीच में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
अप्रैल में भी हुई थी तबाही
गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लिए यह इस सीजन की पहली आपदा नहीं है। इससे पहले अप्रैल के महीने में भी पेशावर, मोहमंद और नौशेरा जिलों में ऐसी ही तबाही देखी गई थी, जहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 14 लोग घायल हुए थे।
राहत कार्य जारी: ‘रेस्क्यू 1122’ के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी के अनुसार, आपातकालीन टीमें और बचाव कर्मी प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं। मलबे को हटाने और घायल लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है, लेकिन लगातार खराब हो रहा मौसम राहत और बचाव कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है।
