मोहम्मद शमी को बड़ी राहत, हसीन जहां को झटका; चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने किया बरी
मोहम्मद शमी को बड़ी राहत, हसीन जहां को झटका; चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने किया बरी
कोलकाता/नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को कानूनी मोर्चे पर एक बहुत बड़ी कामयाबी और राहत मिली है। कोलकाता की अलीपुर कोर्ट ने शमी की अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर किए गए चेक बाउंस (चेक फ्रॉड) के मामले में अपना फैसला सुनाते हुए मोहम्मद शमी को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी (Acquitted) कर दिया है।
अदालत का यह फैसला हसीन जहां के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जिन्होंने शमी पर घरेलू खर्चों को लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।
क्या था पूरा मामला?
यह कानूनी विवाद साल 2018 से चला आ रहा है। हसीन जहां ने मोहम्मद शमी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि क्रिकेटर ने उन्हें घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए 1 लाख रुपये का एक चेक दिया था। हसीन जहां का आरोप था कि जब उन्होंने इस चेक को बैंक में क्लियरेंस के लिए डाला, तो वह ‘बाउंस’ हो गया। इसके बाद उन्होंने शमी पर वित्तीय धोखाधड़ी और चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया था।
अलीपुर कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी गवाहों और सबूतों को परखने के बाद पाया कि शमी पर लगाए गए आरोप टिकने योग्य नहीं हैं, जिसके बाद बुधवार को कोर्ट ने उन्हें इस केस से बाइज्जत बरी कर दिया।
विवादों की लंबी फेहरिस्त
मोहम्मद शमी और हसीन जहां की शादी साल 2014 में हुई थी और 2015 में दोनों की एक बेटी हुई। लेकिन साल 2018 में इनके रिश्तों में दरार आ गई, जब हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इन आरोपों में शामिल थे:
घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और शारीरिक उत्पीड़न।
दहेज उत्पीड़न (Dowry Harassment)।
विवाहेतर संबंध (Extra-marital affairs)।
यहां तक कि मैच फिक्सिंग जैसे संगीन आरोप भी लगाए गए थे, हालांकि बीसीसीआई (BCCI) की जांच में शमी को क्लीन चिट मिल गई थी।
गुजारे भत्ते (Alimony) का केस अभी भी जारी
भले ही चेक बाउंस मामले में मोहम्मद शमी को बड़ी जीत मिली हो, लेकिन दोनों के बीच गुजारे भत्ते (भरण-पोषण) का मुख्य विवाद अभी पूरी तरह थमा नहीं है।
हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वे हसीन जहां को हर महीने 4 लाख रुपये का अंतरिम गुजारा भत्ता दें। इसमें से ₹1.5 लाख हसीन जहां के व्यक्तिगत खर्च के लिए और ₹2.5 लाख उनकी नाबालिग बेटी की परवरिश और पढ़ाई के लिए तय किए गए हैं। हसीन जहां इस राशि को बढ़ाकर ₹10 लाख प्रति माह कराने की मांग को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।
राहत की सांस: बहरहाल, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी धारदार गेंदबाजी से देश को जिताने वाले शमी के लिए चेक बाउंस केस से बरी होना मानसिक रूप से एक बड़ी राहत की खबर है। खेल के मैदान के साथ-साथ अब वे कानूनी मैदान पर भी खुद को सही साबित करने में सफल रहे हैं।
