मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित: स्वामी रामदेव और सपा-भाजपा नेताओं ने दी अंतिम विदाई
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को पवित्र नगरी हरिद्वार लाई गईं। हरिद्वार के वीआईपी (VIP) घाट पर पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और सनातन परंपरा के अनुसार उनकी अस्थियों को मां गंगा में विसर्जित किया गया। इस अत्यंत भावुक क्षण के दौरान प्रतीक यादव की पत्नी व भाजपा नेता अपर्णा यादव, उनकी दोनों बेटियां, योगगुरु स्वामी रामदेव और यादव परिवार के कई प्रमुख सदस्य व समाजवादी पार्टी के नेता मौजूद रहे।
चचेरे भाई सांसद आदित्य यादव ने संपन्न कराया अस्थि कर्म
मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव के बेटे और सांसद आदित्य यादव अस्थि कलश लेकर लखनऊ से हरिद्वार पहुंचे थे। यादव परिवार के तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन ने घाट पर अस्थि विसर्जन का मुख्य कर्मकांड संपन्न कराया। प्रतीक के चचेरे भाई आदित्य यादव ने मुख्य रूप से अस्थि कर्म की रस्मों को पूरा किया। इस दौरान प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव अपने आंसू नहीं रोक सकीं और बेहद भावुक नजर आईं। अस्थि विसर्जन में पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव सहित परिवार के अन्य करीबी लोग भी शामिल हुए।
”युवा जिम के साथ योग भी करें” — स्वामी रामदेव की अपील
अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल हुए योगगुरु स्वामी रामदेव ने प्रतीक यादव को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी और देश के युवाओं को एक जरूरी सलाह भी दी।
स्वामी रामदेव का संदेश:
“प्रतीक यादव का इतनी कम उम्र में असमय चले जाना पूरे यादव परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। किसी को विश्वास नहीं था कि वे इतनी जल्दी सबको छोड़कर चले जाएंगे। प्रतीक बहुत ही हंसमुख, मिलनसार और प्रामाणिक आदर्श जीवन जीने वाले व्यक्ति थे। सनातन धर्म में उनकी अटूट निष्ठा थी और वे लखनऊ में एक बड़ी गौशाला चलाते थे, जहां वे गौ माता की निस्वार्थ सेवा करते थे।”
स्वामी रामदेव ने आगे कहा, “प्रतीक को बॉडी बिल्डिंग और फिटनेस का बेहद शौक था। आज के इस दुखद अवसर पर मैं देश के युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि वे केवल जिम (Gym) पर ही निर्भर न रहें, बल्कि जिम के साथ-साथ योग और प्राणायाम करना भी बेहद आवश्यक है। जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन कभी भी अपने सही पथ से पीछे नहीं हटना चाहिए।”
38 वर्ष की उम्र में लखनऊ में हुआ था निधन
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बीते बुधवार, 13 मई 2026 को लखनऊ में महज 38 वर्ष की आयु में अचानक निधन हो गया था। रात में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आनन-फानन में लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यादव परिवार के लिए यह दूसरा सबसे बड़ा और गहरा झटका है।
राजनीति से दूर, बिजनेस और फिटनेस के थे शौकीन
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे (साधना गुप्ता का भी निधन हो चुका है)। प्रतीक यादव ने खुद को हमेशा सक्रिय राजनीति से दूर रखा और वे लखनऊ में रियल एस्टेट और जिम का अपना निजी व्यवसाय संभालते थे। उन्हें बॉडी बिल्डिंग और महंगी कारों का काफी शौक था।
प्रतीक यादव की शादी उत्तराखंड मूल की अपर्णा बिष्ट (अब अपर्णा यादव) से हुई थी, जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। प्रतीक के निधन पर देश और उत्तर प्रदेश के तमाम राजनीतिक दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
