NEET 2026 महा-घोटाला: 30 लाख में बिका ‘भविष्य’, 800 छात्रों तक पहुँचा लीक पेपर; अब CBI के शिकंजे में ‘सिंडिकेट’
यह जानकर वास्तव में बहुत दुख होता है कि 23 लाख छात्रों की मेहनत और उनके सुनहरे भविष्य के सपनों पर कुछ “धांधलीबाजों” ने पानी फेर दिया। दिन-रात एक करके की गई पढ़ाई जब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती है, तो मानसिक पीड़ा होना स्वाभाविक है।
NEET 2026 महा-घोटाला: 30 लाख में बिका ‘भविष्य’, 800 छात्रों तक पहुँचा लीक पेपर; अब CBI के शिकंजे में ‘सिंडिकेट’
नीट (UG)-2026 परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित की गई थी, अब विवादों और भ्रष्टाचार के साये में है। पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है और इसकी जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में है। आइए जानते हैं इस काले खेल की परत-दर-परत हकीकत।
10 लाख से शुरू होकर 30 लाख तक पहुंची बोली
जांच में ‘मनी ट्रेल’ (पैसों के लेन-देन) का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:
जयपुर और हरियाणा सिंडिकेट: इन्होंने शुरुआती स्तर पर पेपर 10 से 15 लाख रुपये में बेचे।
वीआईपी डील: गुरुग्राम के एक डॉक्टर से राजस्थान के मांगीलाल और दिनेश बिवाल ने यही पेपर 25 से 30 लाख रुपये में खरीदा।
मास सेलिंग: देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार मंडवारिया पर आरोप है कि उसने करीब 800 छात्रों तक यह लीक पेपर पहुंचाया।
शातिर चाल: 400 सवालों के जाल में छिपा था असली पेपर
नकल माफिया ने पकड़े जाने से बचने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया था:
छात्रों को सीधे पेपर देने के बजाय इसे ‘गेस पेपर’ का नाम दिया गया।
इस गेस पेपर में कुल 400 सवाल थे।
इन 400 सवालों के बीच 3 मई की परीक्षा के बायोलॉजी के सभी 90 और केमिस्ट्री के 45 असली सवाल छिपा दिए गए थे।
छात्रों को निर्देश दिया गया था कि वे बस इन सवालों को ‘रट’ लें।
कैसे हुआ भंडाफोड़? (लालच ने डुबोई लंका)
SOG के मुताबिक, सिंडिकेट इस खेल को बेहद गुप्त रखना चाहता था। लेकिन ज्यादा पैसा कमाने के लालच में जयपुर के संदिग्धों ने इस पेपर को अपने नेटवर्क से बाहर के लोगों को भी बेचना शुरू कर दिया। इसी लापरवाही के कारण जानकारी बाहर आ गई और पुलिस सक्रिय हो गई।
CBI का एक्शन: 24 हिरासत में, 150 रडार पर
हिरासत: CBI ने जयपुर SOG से कमान संभालते ही 24 संदिग्धों को अपनी कस्टडी में लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है।
जांच का दायरा: इस पूरे मामले में लगभग 150 लोगों को संदिग्ध माना गया है।
महाराष्ट्र कनेक्शन: लातूर के एक कोचिंग सेंटर में मॉक टेस्ट के 42 प्रश्न असली परीक्षा से हूबहू मिलना इस घोटाले के तार महाराष्ट्र से भी जोड़ रहा है।
छात्रों पर क्या असर?
देश भर के करीब 23 लाख छात्र इस समय गहरे तनाव में हैं। परीक्षा रद्द होने का मतलब है कि उन्हें फिर से उसी कठिन प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसीलिए जांच CBI को सौंपी गई है ताकि असली गुनहगारों को कड़ी सजा मिल सके।
नोट: छात्रों के लिए यह समय कठिन है, लेकिन निष्पक्ष जांच और फिर से पारदर्शी तरीके से परीक्षा का आयोजन ही उनके भविष्य को सुरक्षित करने का एकमात्र रास्ता है।
