कन्नड़ मनोरंजन जगत को लगा बड़ा झटका: मशहूर अभिनेता और निर्माता दिलीप राज का दिल का दौरा पड़ने से निधन
कन्नड़ मनोरंजन जगत को लगा बड़ा झटका: मशहूर अभिनेता और निर्माता दिलीप राज का दिल का दौरा पड़ने से निधन
बेंगलुरु: कन्नड़ फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वर्सेटाइल एक्टर और सफल टेलीविजन प्रोड्यूसर दिलीप राज का बुधवार को दिल का दौरा पड़ने (Cardiac Arrest) से निधन हो गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें अपने आवास पर अचानक सीने में दर्द महसूस हुआ, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दिलीप राज के अचानक चले जाने से उनके प्रशंसकों और साथी कलाकारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
वरिष्ठ कलाकार डोडन्ना ने जताया शोक
वरिष्ठ अभिनेता डोडन्ना ने दिलीप राज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें याद किया। उन्होंने कहा, “दिलीप राज हमारे बच्चों जैसे थे। उनके पिता एच.एम. शिवरुद्रप्पा और मेरे भाई ने साथ पढ़ाई की थी। इस खबर ने मेरा दिल तोड़ दिया है, मुझे गहरा सदमा लगा है।”
करियर: विलेन के रोल से मिली जबरदस्त शोहरत
दिलीप राज ने मनोरंजन जगत के लगभग हर क्षेत्र—फिल्म, टीवी, थिएटर और डबिंग—में अपनी छाप छोड़ी। उनके करियर के कुछ प्रमुख पड़ाव:
फिल्मी सफर: उन्होंने 2005 में फिल्म ‘बॉयफ्रेंड’ से डेब्यू किया था।
पुनीत राजकुमार के साथ यादगार काम: दिवंगत सुपरस्टार पुनीत राजकुमार के साथ फिल्म ‘मिलना’ में विलेन के रूप में उनके अभिनय ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
प्रमुख फिल्में: ‘यू-टर्न’, ‘ऑर्केस्ट्रा मैसूर’, और हालिया ‘लव मॉकटेल 3’ जैसी फिल्मों में उनके काम को काफी सराहा गया।
टेलीविजन के ‘हिटलर’ और सफल निर्माता
फिल्मों के साथ-साथ दिलीप राज कन्नड़ छोटे पर्दे के भी बेताज बादशाह थे।
प्रमुख सीरियल्स: उन्होंने ‘रंगोली’, ‘कुमकुम भाग्य’, ‘मांगल्य’ और ‘जननी’ जैसे कल्ट सीरियल्स में काम किया।
हिटलर कल्याणा: इस शो में लीड रोल निभाने के बाद उनकी लोकप्रियता शिखर पर पहुँच गई थी।
DR क्रिएशन्स: उन्होंने एक्टिंग के अलावा ‘DR क्रिएशन्स’ बैनर के तहत ‘पारू’, ‘ना निन्ना बिडालारे’ और ‘कृष्णा रुक्कू’ जैसे सुपरहिट शो प्रोड्यूस किए।
कोरियोग्राफी से एक्टिंग तक का सफर
2 सितंबर, 1978 को बेंगलुरु में जन्मे दिलीप राज की शुरुआती रुचि कोरियोग्राफी में थी। कॉलेज के दिनों में वे डांस और कोरियोग्राफी की ओर आकर्षित थे, लेकिन बाद में एक ड्रामा ग्रुप से जुड़ने के बाद उनका झुकाव अभिनय की ओर हुआ और उन्होंने कन्नड़ सिनेमा में अपनी एक अलग जगह बनाई।
दिलीप राज का जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरी सैंडलवुड (कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री) के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
