नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन: पानी की टंकी पर डटे प्रदर्शनकारी, हरक सिंह रावत की मध्यस्थता के बावजूद वार्ता विफल
देहरादून के परेड ग्राउंड में नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच गतिरोध बरकरार है।
नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन: पानी की टंकी पर डटे प्रदर्शनकारी, हरक सिंह रावत की मध्यस्थता के बावजूद वार्ता विफल
देहरादून: उत्तराखंड में वर्षवार नियुक्ति की मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़े अभ्यर्थी नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं। इस आंदोलन को उस वक्त और मजबूती मिली जब महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी अभ्यर्थियों के समर्थन में खुद पानी की टंकी पर चढ़ गईं।
हरक सिंह रावत की एंट्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात
कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास पहुंचे।
दो घंटे चली वार्ता: हरक सिंह रावत ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के साथ करीब दो घंटे तक गहन चर्चा हुई।
भावुक हुए पूर्व मंत्री: हरक सिंह रावत ने कहा, “मैं अपने जीवन में दूसरी बार किसी के सामने गिड़गिड़ाया हूं। पहली बार कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए और आज इन युवाओं के भविष्य के लिए।”
स्वास्थ्य मंत्री का आश्वासन: कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
मुलाकात के बाद हरक सिंह रावत ने आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन की जानकारी दी:
मंत्री सुबोध उनियाल ने आश्वस्त किया है कि वर्षवार नियुक्ति के प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा।
सरकार ने आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे अपना धरना समाप्त करें और पानी की टंकी से नीचे उतर आएं।
गतिरोध बरकरार: अभ्यर्थी टस से मस होने को तैयार नहीं
स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन और हरक सिंह रावत के काफी समझाने के बावजूद नर्सिंग अभ्यर्थियों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है।
वार्ता विफल: अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक ठोस आदेश जारी नहीं होता, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
वर्तमान स्थिति: पांच प्रदर्शनकारी, जिनमें ज्योति रौतेला भी शामिल हैं, अभी भी पानी की टंकी पर डटे हुए हैं। वार्ता विफल होने के बाद हरक सिंह रावत वापस लौट गए हैं, लेकिन मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
मुख्य मांग: नर्सिंग अभ्यर्थी लंबे समय से ‘वर्षवार नियुक्ति’ (Year-wise Appointment) प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि वरिष्ठता के आधार पर उन्हें रोजगार मिल सके।
