उत्तराखंड में मौसम का ‘ऑरेंज अलर्ट’: सचिव आपदा प्रबंधन ने कसी कमर, चारधाम यात्रियों और हेली सेवाओं के लिए विशेष निर्देश जारी
उत्तराखंड में मौसम का ‘ऑरेंज अलर्ट’: सचिव आपदा प्रबंधन ने कसी कमर, चारधाम यात्रियों और हेली सेवाओं के लिए विशेष निर्देश जारी
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट और रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में आए आंधी-तूफान के बाद शासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों और अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
अगले 48 घंटे भारी: इन जिलों में रहेगा अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में सोमवार और मंगलवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा।
04 मई, 2026: देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना।
05 मई, 2026: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
खतरा: इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि होने की आशंका है।
चारधाम यात्रा और हेली सेवाओं पर सख्त निर्देश
वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से विशेष हिदायत दी है:
हेलीकॉप्टर सेवाएं: स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहेगा। प्रतिकूल मौसम में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा और उड़ानें तुरंत स्थगित कर दी जाएंगी।
सड़क मार्ग: बाधित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जनहित अपील
बैठक में सचिव ने अधिकारियों को ‘क्विक रिस्पॉन्स’ मोड में रहने को कहा है:
सूचना का प्रसार: मौसम की हर जानकारी राज्य और जिला आपातकालीन केंद्रों के माध्यम से तत्काल आम जनता तक पहुंचाई जाए।
हाई अलर्ट पर टीमें: आपदा प्रबंधन तंत्र, SDRF और संबंधित एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें।
नागरिकों से अपील: प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है।
निष्कर्ष: राज्य सरकार का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि खराब मौसम के बावजूद जान-माल का नुकसान न हो और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालु सुरक्षित रहें। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24×7 हाई अलर्ट पर है।
