उत्तराखंड में मौसम का ‘डबल अटैक’: पहाड़ों में मैदानों से ज़्यादा गर्मी, अब 3 दिनों के लिए बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम का ‘डबल अटैक’: पहाड़ों में मैदानों से ज़्यादा गर्मी, अब 3 दिनों के लिए बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में जबरदस्त अस्थिरता देखी जा रही है। एक तरफ जहां सूरज की तपिश ने मार्च-अप्रैल में ही रिकॉर्ड गर्मी का अहसास कराया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने अब बारिश और बर्फबारी की राहत भरी भविष्यवाणी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सी.एस. तोमर के अनुसार, आने वाले 24 से 72 घंटे राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
1. पहाड़ों में ‘असामान्य’ गर्मी: 4 डिग्री तक बढ़ा पारा
इस बार गर्मी का पैटर्न मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका रहा है। आंकड़ों के अनुसार:
मैदानी क्षेत्र: यहाँ तापमान में करीब 3°C की वृद्धि हुई है।
पर्वतीय क्षेत्र: पहाड़ों में पारा सामान्य से 4°C अधिक पहुंच गया है, जिससे ठंडे रहने वाले इलाकों में भी तपिश महसूस की जा रही है।
रात का तापमान: आमतौर पर रातें ठंडी होती हैं, लेकिन इस बार रात के तापमान में भी कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई है।
2. अगले 24 घंटे: इन 5 जिलों में बारिश के आसार
बढ़ती गर्मी के बीच राहत की पहली लहर अगले 24 घंटों में आने वाली है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के सुहावना होने की उम्मीद है।
3. 25 से 27 अप्रैल: तीन दिनों का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 25 अप्रैल से तीन दिनों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:
बारिश का विस्तार: हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
तेज हवाएं: इस दौरान कुछ इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
4. बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम में सबसे बड़ा बदलाव 28 अप्रैल से देखने को मिल सकता है।
ऊंचाई वाले क्षेत्र: 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी (Snowfall) की उम्मीद जताई गई है।
अस्थिरता: अचानक तापमान बढ़ने और फिर बर्फबारी होने से ट्रेकिंग और पर्वतारोहण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
5. कृषि और पर्यटन पर असर
किसानों के लिए: हल्की बारिश फसलों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है, लेकिन 50-60 किमी की रफ्तार वाली हवाएं और ओलावृष्टि खड़ी फसलों को नुकसान भी पहुँचा सकती हैं।
पर्यटकों के लिए: गर्मी से परेशान होकर पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों के लिए ठंडक और बर्फबारी आकर्षण का केंद्र बनेगी, लेकिन खराब मौसम यात्रा मार्ग में बाधा भी डाल सकता है।
आज की मुख्य सलाह: पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालु और पर्यटक मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें। विशेषकर 25 से 28 अप्रैल के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन जरूर देखें।
