राजनीति

सियासी घमासान: खरगे के ‘आतंकवादी’ वाले बयान पर भड़की भाजपा, चुनाव आयोग पहुंची शिकायत

सियासी घमासान: खरगे के ‘आतंकवादी’ वाले बयान पर भड़की भाजपा, चुनाव आयोग पहुंची शिकायत

विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े देश में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में ‘आतंकवादी’ शब्द के इस्तेमाल ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस टिप्पणी को ‘घोर आपत्तिजनक’ करार देते हुए चुनाव आयोग (ECI) का दरवाजा खटखटाया है।

​चुनाव आयोग में भाजपा की दस्तक

​केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के नेतृत्व में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा। पार्टी ने आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन का हवाला देते हुए खरगे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा का तर्क है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को ‘विषाक्त’ करते हैं।

​शिकायत की मुख्य बातें:

​निजी हमला: प्रधानमंत्री को ‘आतंकवादी’ कहना निजी मानहानि और जनता की पसंद को प्रभावित करने का प्रयास है।

​कानूनी धाराएं: भाजपा ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 175, 171/174 और 356(1) के तहत दंडनीय अपराध बताया है।

​मांग: पार्टी ने सार्वजनिक माफी, बयान की वापसी और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

​अमित शाह का तीखा प्रहार: “देश को शर्मिंदा किया”

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बयान पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पार्टी हर दिन सार्वजनिक चर्चा के स्तर को नीचे गिरा रही है। शाह ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने वाले नेता को आतंकवादी कहना निंदनीय है। यह मोदी जी का नहीं, बल्कि उन्हें चाहने वाले करोड़ों भारतीयों का अपमान है। जनता इसका करारा जवाब देगी।”

​विवाद पर खरगे की सफाई: “मेरा मतलब डराने-धमकाने से था”

​मामले को तूल पकड़ता देख मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्टीकरण जारी किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।

​”मैंने कभी प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर आतंकवादी नहीं कहा। मेरा मतलब यह था कि वे ED, IT और CBI जैसी संस्थाओं के जरिए राजनीतिक दलों और लोगों को ‘आतंकित’ (डरा-धमका) कर रहे हैं। वे लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।”

— मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष

​गठबंधन की राजनीति से उपजा विवाद

​यह पूरा विवाद तमिलनाडु में AIADMK और भाजपा के संभावित गठबंधन पर खरगे के वार से शुरू हुआ। खरगे ने सवाल उठाया कि अन्नादुरै और पेरियार की विचारधारा को मानने वाले लोग पीएम मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समानता और न्याय के विचारों के खिलाफ काम कर रही है।

​अगला कदम?

​चुनाव आयोग ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, भाजपा इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है, जबकि कांग्रेस इसे ‘संस्थाओं के दुरुपयोग’ के नैरेटिव से जोड़ने की कोशिश कर रही है। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *