Chardham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा; केदारनाथ में जमी 5 फीट बर्फ, चप्पे-चप्पे पर रहेगी ड्रोन की नजर, जानें कैसी हैं तैयारियां
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
यहाँ आज (13 अप्रैल) हुए निरीक्षण और तैयारियों से जुड़ी विस्तृत खबर दी गई है:
Chardham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा; केदारनाथ में जमी 5 फीट बर्फ, चप्पे-चप्पे पर रहेगी ड्रोन की नजर, जानें कैसी हैं तैयारियां
रुद्रप्रयाग/उत्तरकाशी: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 का बिगुल बजने वाला है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का आगाज होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आज रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर ने केदारनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
1. केदारनाथ धाम: बर्फ की चुनौती और सुरक्षा तंत्र
केदारनाथ में इस समय कड़ाके की ठंड और 4 से 5 फीट तक जमी बर्फ प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
युद्ध स्तर पर काम: धाम में 60 से अधिक श्रमिक और पैदल मार्ग पर करीब 75 मजदूर बर्फ हटाने और मार्ग के पुनर्निर्माण में दिन-रात जुटे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था: एसपी निहारिका तोमर ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए ITBP और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पूरी यात्रा की निगरानी CCTV और ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी।
सख्त निर्देश: डीएम विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यात्रा शुरू होने से पहले बिजली, पानी और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2. यमुनोत्री धाम: रोटेशन प्रणाली और भीड़ प्रबंधन
यमुनोत्री मार्ग की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे आईजी (IG) अनन्त शंकर ताकवाले ने यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
घोड़ा-खच्चर प्रबंधन: जाम और अव्यवस्था से बचने के लिए इस बार घोड़ा-खच्चर व डंडी-कंडी के लिए रोटेशन प्रणाली लागू की जाएगी।
होल्डिंग एरिया: यदि जानकीचट्टी में वाहनों का दबाव बढ़ता है, तो वाहनों को फूलचट्टी और रानाचट्टी जैसे अस्थायी होल्डिंग क्षेत्रों में रोका जाएगा।
सुरक्षा घेरा: भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही घाटों पर SDRF, फायर सर्विस और QRT टीमों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।
3. डिजिटल निगरानी और सत्यापन
प्रशासन इस बार सुरक्षा के साथ-साथ डेटा प्रबंधन पर भी जोर दे रहा है:
सत्यापन: धामों और प्रमुख पड़ावों पर बाहरी व्यक्तियों का 100% पुलिस सत्यापन किया जाएगा।
वाहन डेटा: सभी वाहन चालकों का विवरण सुरक्षित रखा जाएगा ताकि आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके।
प्रतिबंध: सुरक्षा कारणों से शाम के एक निर्धारित समय के बाद यात्रियों को जानकीचट्टी से यमुनोत्री मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चारधाम कपाट खुलने की तिथियां (2026):
धाम का नाम कपाट खुलने की तिथि
यमुनोत्री 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
गंगोत्री 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
केदारनाथ 22 अप्रैल
बदरीनाथ 23 अप्रैल
प्रशासन की अपील: श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलें और पंजीकरण (Registration) अनिवार्य रूप से करवाएं। केदारनाथ में ठंड अधिक होने के कारण पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखें।
