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नोएडा में ‘वेतन आक्रोश’ की आग: महंगाई और कम पगार पर भड़के मजदूर, सड़कों पर तांडव और आगजनी; अब तक के हालात

नोएडा, 13 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स) और सेक्टर 59-60, 84 आदि इलाकों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। हजारों फैक्ट्री वर्कर्स (खासकर गारमेंट और एक्सपोर्ट कंपनियों के) सड़कों पर उतर आए, सड़कें जाम कर दीं और आक्रोश में कई गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की।

मजदूरों का आरोप है कि वे 12 घंटे काम करते हैं, लेकिन सैलरी सिर्फ 9,000 से 13,000 रुपये महीना मिलती है। किराया लगातार बढ़ रहा है, गैस सिलेंडर और राशन महंगा हो गया है, जबकि कंपनी सिर्फ 250-350 रुपये का सालाना इंक्रीमेंट दे रही है। हरियाणा में हाल ही में न्यूनतम वेतन बढ़कर करीब 19,000 रुपये होने के बाद नोएडा के मजदूरों में असंतोष और बढ़ गया।

हिंसा में अब तक क्या-क्या हुआ?

आगजनी: प्रदर्शनकारियों ने कई निजी गाड़ियां, पुलिस वाहन और एक कार शोरूम के पास वाहनों में आग लगा दी। सेक्टर 59-60 और फेज-2 में कम से कम 4-10 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, कुछ पूरी तरह जल गए।

तोड़फोड़ और पथराव: मजदूरों ने पुलिस जीप को पलट दिया, तोड़फोड़ की और भारी पथराव किया। एक महिला कर्मचारी पर लाठीचार्ज के दौरान चोट लगने के बाद गुस्सा और भड़का।

सड़क जाम: नोएडा-दिल्ली, दादरी-दिल्ली और सेक्टर 62 आदि प्रमुख मार्गों पर भारी जाम लग गया। ऑफिस जाने वाले हजारों लोग फंस गए।

पुलिस एक्शन: पुलिस ने भारी फोर्स तैनात की, आंसू गैस छोड़ी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। स्थिति को काबू में लाने की कोशिश जारी है।

प्रभावित क्षेत्र: मुख्य रूप से नोएडा फेज-2, सेक्टर 1, 59, 60, 84 और आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया।

मजदूरों की मुख्य मांगें:

न्यूनतम वेतन 18,000 से 25,000-26,000 रुपये तक बढ़ाया जाए।

ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक छुट्टी और समय पर सैलरी।

काम के घंटे सीमित किए जाएं (12 घंटे की बजाय 8 घंटे)।

महंगाई भत्ता और बेहतर कामकाजी परिस्थितियां।

प्रदर्शन पिछले 3-4 दिनों से चल रहा था, लेकिन सोमवार (13 अप्रैल) को यह हिंसक हो गया। यूपी पुलिस का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, भड़काने वालों की पहचान की जा रही है और न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।

यह घटना दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों (जैसे फरीदाबाद) में भी मजदूर असंतोष की लहर को दिखाती है, जहां महंगाई और कम वेतन के बीच गुजारा मुश्किल हो गया है।

अपडेट: स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रूट सुझाए हैं। आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा। (समाचार एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर)

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