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​सुरों के ‘स्वर्णिम युग’ का अंत: आशा भोसले के निधन से देश स्तब्ध; PM मोदी, शाह और राहुल गांधी समेत दिग्गजों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

भारतीय संगीत जगत के एक महान युग का अंत हो गया है। सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर देशभर में शोक की लहर है और सत्ता से लेकर विपक्ष तक, हर बड़ी हस्ती उन्हें नमन कर रही है।

​सुरों के ‘स्वर्णिम युग’ का अंत: आशा भोसले के निधन से देश स्तब्ध; PM मोदी, शाह और राहुल गांधी समेत दिग्गजों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

​मुंबई/नई दिल्ली: अपनी खनकती आवाज से सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली पद्म विभूषण आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनके निधन की खबर ने संगीत प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। राजनीति के गलियारों से लेकर कला जगत तक, हर कोई आज ‘आशा ताई’ को अपनी अश्रुपूरित विदाई दे रहा है।

​1. प्रधानमंत्री मोदी: ‘भारतीय संस्कृति की पहचान खो गई’

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा जी के निधन को भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत बताया। उन्होंने कहा:

​”आशा भोसले जी का जाना एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज ने न केवल करोड़ों का मनोरंजन किया, बल्कि वह भारतीय संस्कृति की एक ऐसी पहचान थीं, जिसकी जगह शायद कभी नहीं भरी जा सकेगी। उनकी बहुमुखी प्रतिभा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।”

​2. अमित शाह: ‘संगीत प्रेमियों के लिए काला दिन’

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में उतनी ही सादगी थी। उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली और तमिल सहित अनेक भाषाओं में जो अमिट छाप छोड़ी है, वह उन्हें सदैव अमर रखेगी।

​3. ‘साज खामोश, सुर अधूरे’: अन्य नेताओं के संदेश

​नितिन गडकरी: केंद्रीय मंत्री ने अपने पारिवारिक संबंधों को याद करते हुए कहा कि ‘नया दौर’ से लेकर ‘रंगीला’ तक, आशा जी ने वक्त के साथ खुद को बदलकर हर पीढ़ी को अपना दीवाना बनाया।

​सीएम योगी आदित्यनाथ: उन्होंने आशा जी को ‘स्वर-सम्राज्ञी’ बताते हुए कहा कि उनकी अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयां दी हैं।

​शिवराज सिंह चौहान: उन्होंने भावुक होते हुए लिखा, “आज साज खामोश हैं और सुर अधूरे लग रहे हैं। सुरों की देवी भले ही विदा हो गई हों, लेकिन उनकी आवाज स्मृतियों में गूंजती रहेगी।”

​4. विपक्ष ने भी जताया गहरा शोक

​राहुल गांधी: कांग्रेस नेता ने कहा कि आशा जी की कला उनकी आवाज के माध्यम से हमेशा हमारे बीच जीवित रहेगी।

​अरविंद केजरीवाल: उन्होंने इसे देश के लिए एक ‘अपूर्णीय क्षति’ बताया और कहा कि संगीत की दुनिया ने आज अपनी सबसे महान शख्सियत को खो दिया है।

​अखिलेश यादव: सपा प्रमुख ने संक्षिप्त लेकिन मार्मिक संदेश में लिखा— “स्वर स्मृति बन गए…”

​5. संगीत की विरासत

​उपराष्ट्रपति ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गजल से लेकर भजनों तक में उनकी महारत भारतीय संगीत पर एक अमिट छाप है। 11,000 से अधिक गानों और 20 से अधिक भाषाओं में दी गई उनकी आवाज अब इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है।

​अंतिम विदाई: आशा भोसले का जाना केवल एक गायिका का जाना नहीं, बल्कि उस मधुर आवाज का खामोश होना है जिसने भारत की कई पीढ़ियों को मुस्कुराना और गुनगुनाना सिखाया। आज पूरा देश अपनी ‘ताई’ को नमन कर रहा है।

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