ममता बनर्जी का भाजपा पर प्रहार: “भवानीपुर से मेरी उम्मीदवारी रद्द करने की रची गई थी साजिश”
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को पश्चिम मेदिनीपुर के केशियारी में आयोजित रैली में उन्होंने अपनी उम्मीदवारी और मतदाता सूची को लेकर कई बड़े दावे किए।
ममता बनर्जी का भाजपा पर प्रहार: “भवानीपुर से मेरी उम्मीदवारी रद्द करने की रची गई थी साजिश”
1. उम्मीदवारी रद्द करने का आरोप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने उनकी पारंपरिक सीट भवानीपुर से उनका नामांकन रद्द कराने के लिए चुनाव आयोग के साथ मिलकर जाल बिछाया था।
साजिश का दावा: उन्होंने कहा कि भाजपा ने उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की कोशिश की ताकि उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सके।
विपक्ष का मुकाबला: बता दें कि इस सीट पर ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से है, जो नंदीग्राम के बाद अब भवानीपुर में उन्हें चुनौती दे रहे हैं।
2. मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटाने का दावा
मुख्यमंत्री ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा आंकड़ा पेश किया:
वोटर लिस्ट में बदलाव: ममता का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 90 लाख मतदाताओं के नाम जबरन काट दिए गए।
धार्मिक आधार पर विभाजन: उन्होंने दावा किया कि इन 90 लाख नामों में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बांग्ला बोलना भारतीय होने का सबूत नहीं है?
EVM में छेड़छाड़: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से जीतने का साहस नहीं रखती, इसलिए EVM और वोटर लिस्ट में हेरफेर कर रही है।
3. समान नागरिक संहिता (UCC) पर स्टैंड
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वह बंगाल में किसी भी कीमत पर UCC (Uniform Civil Code) लागू नहीं होने देंगी।
भाजपा का वादा: भाजपा ने बंगाल की सत्ता में आने पर UCC लागू करने का वादा किया है।
ममता का पलटवार: उन्होंने इसे ‘पिछड़े समुदायों के खिलाफ’ बताया और कहा कि यह लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी की चौथी जीत के बाद दिल्ली से भाजपा की विदाई तय है और तब इसे पूरी तरह रद्द कर दिया जाएगा।
4. विधानसभा चुनाव 2026 का शेड्यूल
रैली के दौरान राज्य के चुनावी माहौल पर भी चर्चा हुई। पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान होना तय हुआ है:
पहला चरण: 23 अप्रैल 2026
दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026
नतीजे: 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
ममता बनर्जी का संदेश: “यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि बंगाल के अस्तित्व और लोगों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। हम किसी भी फर्जी तरीके से वोट कब्जाने की साजिश को सफल नहीं होने देंगे।”
