बारामती उपचुनाव: कांग्रेस का पीछे हटना और सुनेत्रा पवार की ‘निर्विरोध’ जीत की राह
बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी हलचल हुई है। कांग्रेस द्वारा अपने उम्मीदवार का नाम वापस लेने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल सीट के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
बारामती उपचुनाव: कांग्रेस का पीछे हटना और सुनेत्रा पवार की ‘निर्विरोध’ जीत की राह
महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले बारामती में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक उम्मीदवार आकाश विश्वनाथ मोरे का नामांकन वापस लेने का फैसला किया है, जिससे उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जीत का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
कांग्रेस के फैसले के पीछे के मुख्य कारण
कांग्रेस पार्टी ने पहले अधिवक्ता आकाश मोरे को मैदान में उतारा था, लेकिन नामांकन वापसी के अंतिम दिन रणनीतिक बदलाव किया गया:
अजित पवार को श्रद्धांजलि: कांग्रेस की राज्य इकाई (अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल) के अनुसार, यह निर्णय पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए लिया गया है। गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को एक विमान हादसे में उनका दुखद निधन हो गया था।
अपनों की अपील: शरद पवार (NCP-SP), सुप्रिया सुले और खुद सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस नेतृत्व से इस चुनाव को निर्विरोध होने देने की अपील की थी। सुप्रिया सुले ने इसे अजित पवार की विरासत के प्रति एक ‘गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि’ बताया।
गठबंधन की एकता: महाविकास अघाड़ी (MVA) के अन्य सहयोगियों, विशेषकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने पहले ही उम्मीदवार न उतारने के संकेत दे दिए थे।
अजित पवार की विरासत और भावनात्मक माहौल
बारामती हमेशा से पवार परिवार का अभेद्य किला रहा है।
सहानुभूति की लहर: अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पूरे निर्वाचन क्षेत्र में शोक और सहानुभूति का माहौल है।
विरासत की बागडोर: उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार, जो वर्तमान में राज्य की उपमुख्यमंत्री भी हैं, इस विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
पिछला रिकॉर्ड: 2024 के चुनावों में अजित पवार ने 1.81 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमाण था।
अब आगे क्या?
यद्यपि कांग्रेस ने अपना नाम वापस ले लिया है, लेकिन आधिकारिक रूप से ‘निर्विरोध’ निर्वाचन की घोषणा शेष उम्मीदवारों की स्थिति पर निर्भर करेगी:
स्वतंत्र उम्मीदवार: बताया जा रहा है कि चुनावी मैदान से कुल 23 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं, लेकिन यदि कुछ निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में डटे रहते हैं, तो 23 अप्रैल को मतदान की औपचारिकता पूरी की जाएगी।
महत्वपूर्ण तिथियां: मतदान: 23 अप्रैल 2026 (यदि आवश्यक हुआ)।
मतगणना: 4 मई 2026।
निष्कर्ष: कांग्रेस का यह कदम महाराष्ट्र की राजनीति में “सौहार्द और सम्मान” की एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दलों के हटने से यह स्पष्ट है कि बारामती की जनता और राजनीतिक दल, अजित पवार के योगदान को दलगत राजनीति से ऊपर मान रहे हैं।
