उत्तरकाशी में हाई-वोल्टेज ड्रामा: भ्रष्टाचार की जांच से नाराज पालिका अध्यक्ष आर्च ब्रिज पर चढ़े, प्रशासन में मचा हड़कंप
उत्तरकाशी में हाई-वोल्टेज ड्रामा: भ्रष्टाचार की जांच से नाराज पालिका अध्यक्ष आर्च ब्रिज पर चढ़े, प्रशासन में मचा हड़कंप
चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी): उत्तराखंड के चिन्यालीसौड़ में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच से नाराज होकर प्रसिद्ध आर्च ब्रिज के ऊंचे ढांचे पर चढ़ गए। डीएम को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर घंटों चले इस ड्रामे ने पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।
जांच और ईओ के तबादले से भड़का विवाद
मामले की शुरुआत पिछले चार दिनों से चल रहे सभासदों के धरने से हुई। नगर पालिका के सभासदों ने अध्यक्ष मनोज कोहली पर पद के दुरुपयोग और विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं (भ्रष्टाचार) के गंभीर आरोप लगाए थे। सभासदों की मांग थी कि निर्माण कार्यों की जांच कराई जाए और अधिशासी अधिकारी (EO) का स्थानांतरण किया जाए।
मंगलवार को प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के आश्वासन के बाद ईओ वीरेंद्र सिंह पंवार को कार्यमुक्त कर निदेशालय अटैच कर दिया गया और जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने एसडीएम डुंडा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर 7 दिन में रिपोर्ट मांगी। इसी कार्रवाई से नाराज होकर अध्यक्ष पुल पर जा चढ़े।
ब्रिज पर चढ़कर डीएम को बुलाने की जिद
बुधवार सुबह पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली चिन्यालीसौड़ आर्च ब्रिज के सबसे ऊपरी हिस्से पर चढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने मांग की कि जब तक जिलाधिकारी खुद मौके पर आकर उनसे बात नहीं करेंगे, वे नीचे नहीं उतरेंगे। इस दौरान पुल के नीचे लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस टीम उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश करती रही।
एशिया के बड़े आर्च ब्रिज पर हुआ ड्रामा
बता दें कि जिस आर्च ब्रिज पर यह ड्रामा हुआ, वह भागीरथी नदी (टिहरी झील) के ऊपर बना प्रदेश का सबसे बड़ा आर्च ब्रिज है। 162 मीटर लंबे इस पुल की ऊंचाई नदी की सतह से काफी अधिक है, जिससे अध्यक्ष की जान को भी खतरा बना हुआ था। यह पुल दिचली-गमरी क्षेत्र के 40 गांवों की करीब 60 हजार आबादी के लिए आवागमन का मुख्य जरिया है।
प्रशासनिक स्थिति
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को संभालने का प्रयास किया। खबर लिखे जाने तक पालिका अध्यक्ष अपनी मांग पर अड़े हुए थे, जबकि सभासदों का कहना है कि जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
