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गर्मी पर भारी पडी बारिश: अप्रैल में मॉनसून जैसा अहसास, मौसम विभाग ने बताया क्यों बिगड़ा हवाओं का गणित

देश के कई हिस्सों में अप्रैल की शुरुआत उम्मीद के उलट हुई है। जहां लोग भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की तैयारी कर रहे थे, वहीं उत्तर से लेकर मध्य भारत तक बादलों ने डेरा डाल लिया है। दिल्ली-NCR, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने पारे को नीचे गिरा दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक यह सिलसिला जारी रह सकता है।

लेकिन सवाल यह है कि अप्रैल के महीने में, जब सूरज की तपिश चरम पर होनी चाहिए, तब मौसम बार-बार करवट क्यों ले रहा है? विशेषज्ञों ने इसके पीछे 3 मुख्य कारण बताए हैं:

1. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Active Western Disturbance)

इस बार अप्रैल में एक के बाद एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (WD) उत्तर भारत से टकरा रहे हैं। 2 अप्रैल से शुरू हुआ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 7 अप्रैल को एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गरज के साथ छींटें पड़ रहे हैं। ये ठंडी हवाएं भूमध्य सागर से नमी लेकर आती हैं, जो अचानक तापमान को गिरा देती हैं।

2. चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation)

केवल पश्चिमी विक्षोभ ही नहीं, बल्कि राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। यह सिस्टम अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी को अपनी ओर खींच रहा है। जब ऊपर से आने वाली ठंडी हवाएं और नीचे की नमी वाली हवाएं मिलती हैं, तो तीव्र गर्जना वाले बादल बनते हैं, जिससे तेज बारिश और ओले गिरते हैं।

3. ‘ट्रफ लाइन’ का प्रभाव (Trough Line Influence)

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के मध्य भाग से लेकर दक्षिण तक एक ट्रफ लाइन (कम दबाव की रेखा) गुजर रही है। इसके कारण छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में भी मौसम अस्थिर बना हुआ है। यह रेखा नमी वाली हवाओं को एक विशेष दिशा में ले जाती है, जिससे अचानक दोपहर के बाद मौसम बदल जाता है और तेज आंधी के साथ बारिश होने लगती है।

अगले 48 घंटों का अलर्ट

* उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 8 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

* पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

* मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।

सावधानी: मौसम विभाग ने सलाह दी है कि आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में न रुकें। किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने का सुझाव दिया गया है।

 

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