बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा बदलाव, अमीनुल इस्लाम हटाए गए, तमीम इकबाल बने अंतरिम BCB अध्यक्ष
बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा बदलाव, अमीनुल इस्लाम हटाए गए, तमीम इकबाल बने अंतरिम BCB अध्यक्ष
ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट में पिछले कुछ दिनों से लगातार उठापटक देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में 7 अप्रैल को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम (बुलबुल) को पद से हटा दिया है। उनकी जगह पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
आरोपों के बीच लिया गया बड़ा फैसला
अमीनुल इस्लाम पर बोर्ड के कई निदेशकों ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन पर मनमाने ढंग से फैसले लेने और बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता की कमी के आरोप लगे थे। लगातार बढ़ते विवाद और असंतोष के बाद बोर्ड ने उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया।
तमीम इकबाल को सौंपी गई जिम्मेदारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब तक नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक बोर्ड के कामकाज को संभालने के लिए एक अंतरिम व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत 11 सदस्यीय एड-हॉक कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी कमान तमीम इकबाल को सौंपी गई है। वह इस पैनल के प्रमुख के तौर पर BCB के संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे।
टी20 वर्ल्ड कप विवाद बना बड़ी वजह
अमीनुल इस्लाम के कार्यकाल में सबसे बड़ा विवाद तब सामने आया था, जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने भारत में आयोजित आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से अपना नाम वापस ले लिया था। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा और आलोचना बटोरी थी। माना जा रहा है कि इस पूरे मामले को सही तरीके से संभालने में विफल रहने के कारण अमीनुल की स्थिति कमजोर हुई।
निदेशकों के इस्तीफे और जांच के आदेश
हाल ही में बोर्ड के 6 से अधिक निदेशकों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इसके बाद नई सरकार ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, BCB अध्यक्ष पद के लिए जल्द चुनाव कराने की सिफारिश भी की गई है।
राजनीतिक दबाव की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, टी20 वर्ल्ड कप के दौरान तत्कालीन सरकार के सलाहकार आसिफ नजरूल ने भी अमीनुल इस्लाम पर काफी दबाव बनाया था। बताया जाता है कि इसी दबाव के चलते बांग्लादेश टीम को भारत जाकर टूर्नामेंट खेलने की अनुमति नहीं दी गई थी।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें नई एड-हॉक कमेटी और तमीम इकबाल के नेतृत्व पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके कार्यकाल में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में किस तरह के सुधार और बदलाव देखने को मिलते हैं।
फिलहाल, बांग्लादेश क्रिकेट एक संक्रमण काल से गुजर रहा है, जहां प्रशासनिक स्थिरता और पारदर्शिता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
