बड़ी राहत: 200 करोड़ की ठगी के आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- ‘निजी स्वतंत्रता का हनन’
बड़ी राहत: 200 करोड़ की ठगी के आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- ‘निजी स्वतंत्रता का हनन’
देश के सबसे चर्चित ठग के रूप में पहचाने जाने वाले सुकेश चंद्रशेखर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लंबे समय से जेल में बंद सुकेश को अदालत ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बिना सुनवाई के बहुत लंबे समय तक जेल में रखना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
जमानत की शर्तें और मुचलका
अदालत ने सुकेश की रिहाई के लिए कुछ सख्त शर्तें तय की हैं:
1. सुकेश को 5 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की जमानत राशि जमा करनी होगी।
2. उसे अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा और वह बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ पाएगा।
3. उसे अपना स्थायी पता और सक्रिय मोबाइल नंबर जांच अधिकारी को देना होगा।
4. कोर्ट ने उसे गवाहों से संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करने से सख्त मना किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2021 में तब चर्चा में आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिहाड़ जेल के अंदर से चल रहे एक बड़े वसूली रैकेट का पर्दाफाश किया। सुकेश पर आरोप है कि उसने जेल के अंदर से ही बड़े कारोबारियों की पत्नियों को सरकारी अधिकारी बनकर फोन किया और मदद के बदले 200 करोड़ रुपये की ठगी की।
जांच में यह भी पाया गया कि इस पैसे का इस्तेमाल बॉलीवुड अभिनेत्रियों, जैसे जैकलीन फर्नांडीज को महंगे तोहफे और लग्जरी गाड़ियां देने के लिए किया गया था। इस मामले में जैकलीन और नोरा फतेही से भी पूछताछ की जा चुकी है।
कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
जमानत देते समय जज ने कहा कि संविधान में स्वतंत्रता सबसे महत्वपूर्ण है। अदालत का मानना है कि लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद अगर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो यह आरोपी के अधिकारों के खिलाफ है। जज ने यह भी नोट किया कि सुकेश पहले ही इस मामले में काफी समय जेल में बिता चुका है।
क्या वह जेल से बाहर आएगा?
हालांकि सुकेश को इस विशेष मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन उसकी रिहाई अभी मुश्किल लग रही है। सुकेश के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कई अन्य मामले दर्ज हैं। जब तक उसे बाकी सभी मामलों में भी जमानत नहीं मिल जाती, तब तक उसे जेल में ही रहना होगा। इस मामले की जांच ईडी और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
