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मणिपुर में फिर खूनी संघर्ष: ‘रॉकेट हमले’ में दो मासूमों की मौत के बाद भड़की हिंसा, 5 जिलों में इंटरनेट ठप

मणिपुर में फिर खूनी संघर्ष: ‘रॉकेट हमले’ में दो मासूमों की मौत के बाद भड़की हिंसा, 5 जिलों में इंटरनेट ठप

इंफाल/बिष्णुपुर: मणिपुर में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। बिष्णुपुर जिले के मोइरांग (Moirang) इलाके में हुए एक भीषण ‘रॉकेट हमले’ में दो मासूम बच्चों की जान जाने के बाद पूरी घाटी में तनाव व्याप्त हो गया है। इस घटना के विरोध में हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिष्णुपुर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।

सुरक्षा कारणों और अफवाहों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने पांच घाटी जिलों (इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर) में अगले तीन दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं।

घटना का विवरण: मासूमों की जान ले गया ‘रॉकेट’

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, हमला बेहद सुनियोजित और घातक था:

* मोइरांग पर हमला: संदिग्ध उग्रवादियों ने पहाड़ी इलाकों से रिहायशी बस्तियों की ओर लंबी दूरी के रॉकेट दागे।

* दो बच्चों की मौत: रॉकेट एक घर के पास गिरा, जिसकी चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले में कई अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

* पूर्व मुख्यमंत्री के आवास को भी निशाना: बताया जा रहा है कि एक रॉकेट पूर्व मुख्यमंत्री एम. कोइरेंग के आवास के परिसर में भी गिरा, जिससे वहां खड़ी गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई

हिंसा की आग को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं:

* इंटरनेट पर पाबंदी: अफवाहों के जरिए भीड़ को उकसाने से रोकने के लिए डेटा सेवाओं को 72 घंटों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

* कर्फ्यू का विस्तार: बिष्णुपुर में पहले से जारी ढील को खत्म कर पूर्ण कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है।

* अतिरिक्त सुरक्षा बल: केंद्र से अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की कंपनियां बुलाई गई हैं ताकि उग्रवादियों के खिलाफ ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज किया जा सके।

जन आक्रोश और प्रदर्शन

बच्चों की मौत की खबर फैलते ही इंफाल और आसपास के इलाकों में लोग गुस्से में सड़कों पर उतर आए। टायर जलाकर रास्तों को जाम कर दिया गया और सरकार से उग्रवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की गई।

“यह हमला सीधे तौर पर निर्दोष नागरिकों को डराने की कोशिश है। लंबी दूरी के रॉकेटों का इस्तेमाल चिंता का विषय है, जो दर्शाता है कि उग्रवादियों के पास आधुनिक हथियारों की पहुंच बढ़ गई है— मणिपुर पुलिस महानिदेशक (DGP)

तनावपूर्ण स्थिति: क्या है वर्तमान माहौल?

| जिला | वर्तमान स्थिति | पाबंदियां |

| बिष्णुपुर | अत्यंत तनावपूर्ण | अनिश्चितकालीन कर्फ्यू |

| इंफाल (पूर्व/पश्चिम) | विरोध प्रदर्शन जारी | इंटरनेट बंद, धारा 144 |

| थौबल एवं काकचिंग | हाई अलर्ट | इंटरनेट सेवाएं निलंबित |

निष्कर्ष

मणिपुर में पिछले साल से जारी जातीय संघर्ष के बीच रॉकेट और ड्रोन हमलों की नई लहर ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। दो मासूमों की मौत ने घावों को और हरा कर दिया है। फिलहाल पूरी घाटी छावनी में तब्दील है और सेना ड्रोन के जरिए उग्रवादियों के ठिकानों की निगरानी कर रही है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘आतंकवादी कृत्य’ करार दिया है।

 

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