पाकिस्तान में हाहाकार: न तेल, न आटा… रात 8 बजते ही अंधेरे में डूबा देश
पाकिस्तान में हाहाकार: न तेल, न आटा… रात 8 बजते ही अंधेरे में डूबा देश
इस्लामाबाद: आर्थिक बदहाली और ऊर्जा संकट की मार झेल रहा पाकिस्तान आज अपने इतिहास के सबसे काले दौर से गुजर रहा है। पश्चिम एशिया (विशेषकर ईरान-अमेरिका तनाव) में जारी संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने से पाकिस्तान की कमर टूट गई है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि शहबाज शरीफ सरकार ने आज, 7 अप्रैल 2026 से पूरे देश में ‘इमरजेंसी एनर्जी प्लान’ लागू कर दिया है, जिसके तहत रात 8 बजते ही पूरे देश में सन्नाटा और अंधेरा पसर जाता है।
रात 8 बजे की ‘डेडलाइन’: क्या हैं नए नियम?
ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने कड़े और अभूतपूर्व फैसले लिए हैं:
* बाजार और मॉल बंद: पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और सिंध समेत सभी प्रांतों में बाजार, दुकानें और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे अनिवार्य रूप से बंद किए जा रहे हैं।
* शादी हॉल पर कैंची: शादी समारोह और रेस्टोरेंट्स के लिए रात 10 बजे तक का समय तय किया गया है।
* सरकारी दफ्तरों में कटौती: सरकारी विभागों के ईंधन कोटे में 50% की कटौती कर दी गई है और कई शहरों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ मॉडल दोबारा लागू किया जा रहा है।
* अस्पतालों को छूट: केवल मेडिकल स्टोर, क्लीनिक और आवश्यक सेवाओं को ही इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।
थाली से आटा और टैंक से तेल गायब
पाकिस्तान की जनता केवल अंधेरे से ही नहीं, बल्कि भूख और महंगाई से भी लड़ रही है:
* आटे का संकट: देश के कई हिस्सों में गेहूं की भारी किल्लत है। ‘नो व्हीट, नो यूरिया’ की स्थिति के कारण कृषि क्षेत्र ठप है, जिससे आटे की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं।
* पेट्रोल-डीजल की किल्लत: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं। कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक रहे हैं।
* एलएनजी (LNG) की कमी: कतर और यूएई से होने वाली गैस सप्लाई प्रभावित होने से बिजली घरों को ईंधन नहीं मिल रहा, जिससे देश में 30% बिजली की कमी हो गई है।
क्यों आई यह नौबत?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
* वैश्विक युद्ध: ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है।
* कुप्रबंधन: पाकिस्तान रेलवे और कोयला संयंत्रों के बीच आंतरिक विवाद के कारण 1800 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप पड़ा है।
* आर्थिक दिवाला: विदेशी मुद्रा की कमी के चलते पाकिस्तान नया ईंधन खरीदने की स्थिति में नहीं है।
जनता में आक्रोश
सोशल मीडिया पर ‘ब्लैकआउट’ की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे 21वीं सदी में आदिम युग जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में व्यापारियों ने इन पाबंदियों का विरोध किया है, लेकिन सरकार का कहना है कि यदि बिजली नहीं बचाई गई, तो पूरा ग्रिड फेल हो सकता है।
“हम एक ऐसे चौराहे पर खड़े हैं जहां हमारे पास विकल्प नहीं बचे हैं। यह समय कठिन फैसलों और बलिदान का है— शहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री (पाकिस्तान)
पाकिस्तान के लिए आने वाले महीने और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग और बढ़ेगी, जबकि संसाधन लगातार कम हो रहे हैं।
