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रोहित शेट्टी फायरिंग केस: बिश्नोई गैंग का ‘हवाला’ कनेक्शन आया सामने, नेपाल और यूपी के रास्ते पहुंची थी शूटरों को फंडिंग

मुंबई में फिल्म जगत और सुरक्षा एजेंसियों के बीच उस वक्त खलबली मच गई, जब मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में बिश्नोई गैंग का हाथ होने के पुख्ता सबूत सामने आए। क्राइम ब्रांच की लेटेस्ट जांच में फंडिंग के जिस ‘नेपाल-यूपी’ कनेक्शन का खुलासा हुआ है, उसने पुलिस की नींद उड़ा दी है।

रोहित शेट्टी फायरिंग केस: बिश्नोई गैंग का ‘हवाला’ कनेक्शन आया सामने, नेपाल और यूपी के रास्ते पहुंची थी शूटरों को फंडिंग

मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जांच एजेंसियों के हाथ लगे नए सुरागों से साफ हो गया है कि इस हमले के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक सोची-समझी साजिश वाला नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें बैंकिंग सिस्टम को पूरी तरह दरकिनार कर हवाला के जरिए पैसे पहुंचाए गए थे।

फंडिंग का ‘त्रिकोणीय’ नेटवर्क: नेपाल, दिल्ली और यूपी

क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के लिए शूटरों को दी गई रकम का कोई भी डिजिटल ट्रेल नहीं है। जांच में सामने आया है कि:

* आरजू बिश्नोई का हाथ: बिश्नोई गैंग के कुख्यात ऑपरेटर आरजू बिश्नोई ने इस पूरी फंडिंग की कमान संभाली थी।

* हवाला रूट: पैसे सीधे नहीं भेजे गए, बल्कि नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हवाला ऑपरेटरों के जरिए टुकड़ों में ट्रांसफर किए गए। इसका मकसद सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचना था।

गोलू पंडित: साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ और रसद का इंतजाम

जांच में गोलू पंडित का नाम इस पूरी साजिश की सबसे अहम कड़ी के रूप में उभरा है। सूत्रों के अनुसार:

* भर्ती: गोलू ने ही हरियाणा और आसपास के इलाकों से शूटरों की पहचान की और उन्हें काम पर लगाया।

* संसाधन: शूटरों को मुंबई में छिपने की जगह, हथियार और अन्य रसद (रिसोर्सेज) उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी गोलू की ही थी।

* लंबे समय की प्लानिंग: यह कोई तात्कालिक हमला नहीं था, बल्कि इसकी रेकी और तैयारी काफी समय से चल रही थी।

“चुप रहो और कुछ मत बताओ”: बिश्नोई का संदेश

हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस की गिरफ्त में आने के बावजूद गोलू पंडित से ज्यादा राज नहीं उगलवाए जा सके हैं। सूत्रों का कहना है कि:

* आरजू के जरिए संदेश: गिरफ्तारी से पहले ही लॉरेंस बिश्नोई ने आरजू बिश्नोई के माध्यम से गोलू तक संदेश पहुंचा दिया था कि अगर वह पुलिस के हत्थे चढ़ता है, तो उसे पूरी तरह खामोश रहना है।

* 12 दिन की कस्टडी: करीब 12 दिनों की कड़ी पूछताछ और पुलिस कस्टडी के बावजूद गोलू पंडित ने अपने साथियों या गैंग के अगले मंसूबों के बारे में जुबान नहीं खोली है।

बॉलीवुड पर गहराता साया

रोहित शेट्टी जैसे बड़े निर्देशक को निशाना बनाने की इस कोशिश ने फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इससे पहले सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग में भी बिश्नोई गैंग का ही नाम आया था। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या गैंग का अगला निशाना फिल्म जगत की कोई और बड़ी हस्ती तो नहीं है।

“हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल यह साबित करता है कि गैंग अब तकनीक और सीमाओं के पार जाकर बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा है।” — क्राइम ब्रांच सूत्र

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