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अब पढ़ाई के लिए नहीं जाना होगा बाहर: J&K विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पास

अब पढ़ाई के लिए नहीं जाना होगा बाहर: J&K विधानसभा में प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल पास

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने शनिवार को जम्मू एंड कश्मीर प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल, 2026 (L.A. Bill No. 08 of 2026) पास कर दिया। इस ऐतिहासिक विधेयक के पास होने से अब यूटी में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर (दिल्ली, चंडीगढ़, बैंगलोर आदि) जाने की जरूरत कम पड़ेगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा घर के करीब उपलब्ध होगी।

शिक्षा मंत्री सकीना इटू द्वारा पेश किया गया यह बिल वॉइस वोट से पास हुआ। विधेयक अब जम्मू एंड कश्मीर प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट, 2026 के नाम से जाना जाएगा।

बिल के मुख्य प्रावधान

वित्तीय रूप से मजबूत स्पॉन्सरिंग बॉडी (कम से कम 3 साल रजिस्टर्ड) प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्थापित कर सकेंगी।

एक्सपर्ट पैनल आवेदनों की जांच करेगा और केवल गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाली यूनिवर्सिटीज को मंजूरी मिलेगी।

यूनिवर्सिटी कांस्टिट्यूएंट कॉलेज, रीजनल सेंटर, अतिरिक्त कैंपस और स्टडी सेंटर खोल सकेंगी।

विदेशी उच्च शिक्षा संस्थान UGC की मंजूरी के साथ J&K में कैंपस खोल सकेंगे।

एक रेगुलेटरी अथॉरिटी गठित की जाएगी जो यूनिवर्सिटीज के फंक्शनिंग, मैनेजमेंट और अकादमिक स्टैंडर्ड की निगरानी करेगी।

बिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

CM ओमर अब्दुल्ला का बयान

मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने बिल पास होने पर शिक्षा मंत्री सकीना इटू और सभी स्टेकहोल्डर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह बिल हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे J&K में उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे, छात्रों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी और प्रतिष्ठित संस्थान यहां निवेश करेंगे।”

छात्रों और सिविल सोसाइटी की प्रतिक्रिया

सिविल सोसाइटी और छात्र संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि जम्मू-कश्मीर में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की अनुमति दी जाए ताकि युवा स्थानीय स्तर पर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें और माइग्रेशन रुक सके।

कुछ विधायकों (मीर सैफुल्लाह और बलवंत सिंह मनकोटिया) द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को या तो वापस ले लिया गया या वॉइस वोट से खारिज कर दिया गया।

महत्व

यह बिल J&K में उच्च शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा। हालांकि, कुछ विपक्षी सदस्यों ने अलग-अलग प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल (जैसे पुलवामा में शेख-उल-आलम यूनिवर्सिटी) को पहले खारिज किए जाने पर निराशा जताई थी।

विधेयक पास होने के साथ ही J&K सरकार अब प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रित कर सकेगी। यह कदम युवाओं को घरेलू स्तर पर विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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