राष्ट्रीय

नासिक में ‘अशोक खरात’ कांड का नया घिनौना ट्विस्ट: शिकायतकर्ता रवींद्र एरंडे गिरफ्तार, 121 अश्लील वीडियो बरामद

नासिक में ‘अशोक खरात’ कांड का नया घिनौना ट्विस्ट: शिकायतकर्ता रवींद्र एरंडे गिरफ्तार, 121 अश्लील वीडियो बरामद

नासिक के चर्चित अशोक खरात (कैप्टन) यौन शोषण कांड में एक और बड़ा उलटफेर सामने आया है। जिस व्यक्ति ने खरात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, वही रवींद्र एरंडे (कार्यालय का मालिक/सीनियर सिटीजन) अब खुद यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार हो गया है।

नया कांड क्या है?

स्थान: नासिक के सातपुर इलाके में रवींद्र एरंडे का कार्यालय।

घटना: चार लोगों ने एरंडे के कार्यालय से एक टैब चुराया और उसमें मौजूद अश्लील वीडियो/फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 12 लाख रुपये की खंडणी मांगी।

पुलिस ने खंडणी मामले की जांच के दौरान एरंडे के मोबाइल और टैबलेट की जांच की।

बड़ा खुलासा: इन डिवाइस से 121 अश्लील वीडियो क्लिप्स बरामद हुए, जो 2003 से 2024 के बीच की महिलाओं (एरंडे से परिचित) से जुड़े बताए जा रहे हैं।

ये वीडियो ऑफिस में लगे छिपे कैमरे से रिकॉर्ड किए गए प्रतीत होते हैं।

एक महिला ने एरंडे पर यौन शोषण की शिकायत की, जिसके आधार पर यौन शोषण, आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर एरंडे को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने अन्य महिलाओं से आगे आने की अपील की है और उनकी पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।

अशोक खरात कांड का संक्षिप्त बैकग्राउंड (पार्ट-1)

मार्च 2026 में आत्मघोषित ज्योतिषी/गॉडमैन अशोक खरात (रिटायर्ड नेवी ऑफिसर) को रेप और महिलाओं का यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

उनके पास से 58 अश्लील वीडियो बरामद हुए थे (कुछ रिपोर्ट्स में 100+ तक)।

आरोप: महिलाओं को आस्था/ज्योतिष के नाम पर ड्रग्स देकर शोषण, ब्लैकमेलिंग और फाइनेंशियल फ्रॉड।

SIT जांच चल रही है, कई FIR दर्ज, राजनीतिक कनेक्शन की भी चर्चा।

अब यह नया मामला खरात कांड का ‘पार्ट-2’ जैसे लग रहा है, जहां एक शिकायतकर्ता खुद इसी तरह के घिनौने अपराध में फंस गया।

पुलिस की कार्रवाई

सातपुर पुलिस ने एरंडे को गिरफ्तार किया।

खंडणी देने वाले चार आरोपियों के खिलाफ भी पहले कार्रवाई हुई थी।

डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी, और पीड़ित महिलाओं की पहचान/सुरक्षा पर फोकस।

यह बेहद निंदनीय और दुखद है। आस्था, ज्योतिष या ऑफिस जैसे स्थानों का दुरुपयोग कर महिलाओं का यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग समाज के लिए कलंक है। दोनों मामलों में पुलिस ने तेजी दिखाई है, लेकिन जरूरी है कि सभी पीड़ितों को न्याय मिले, वीडियो वायरल न हों और दोषियों को कड़ी सजा हो।

नोट: जांच अभी जारी है, इसलिए आंकड़े और विवरण बदल सकते हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो शेयर न करें — यह कानूनी अपराध है और पीड़ितों को और आघात पहुंचाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *