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पेशावर: भूकंप और बारिश की मार से ढही ‘कपूर हवेली’, विरासत को बचाने की कोशिशें नाकाम

पाकिस्तान के पेशावर स्थित बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राज कपूर की पुश्तैनी ‘कपूर हवेली’ को लेकर एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। करीब 100 साल पुरानी यह ऐतिहासिक इमारत भारी बारिश और हाल ही में आए शक्तिशाली भूकंप (Magnitude 5.8 – 6.3) के झटकों को झेल नहीं पाई और इसका एक बड़ा हिस्सा ढह गया है।

पेशावर: भूकंप और बारिश की मार से ढही ‘कपूर हवेली’, विरासत को बचाने की कोशिशें नाकाम

पेशावर के ऐतिहासिक किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित यह हवेली लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) की रात आए भूकंप ने इसकी पहले से कमजोर हो चुकी नींव को और हिला दिया।

1. कैसे हुआ हादसा?

* दोहरी मार: पिछले कुछ दिनों से पेशावर में लगातार भारी बारिश हो रही थी, जिससे हवेली की दीवारें नम होकर कमजोर हो गई थीं।

* भूकंप के झटके: शुक्रवार रात आए भूकंप के झटकों के कारण हवेली की एक मुख्य दीवार और ऊपरी हिस्से का एक बड़ा भाग भरभरा कर गिर गया।

* वर्तमान स्थिति: खैबर पख्तूनख्वा (KPK) के हेरिटेज काउंसिल के सचिव शकील वहीदुल्लाह के अनुसार, हवेली का ढांचा अब बेहद खतरनाक स्थिति में है और इसके बचे हुए हिस्से के गिरने का भी डर बना हुआ है।

2. 100 साल का गौरवशाली इतिहास

* निर्माण: इस हवेली का निर्माण राज कपूर के दादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच कराया था।

* जन्मस्थान: महान शो-मैन राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म इसी हवेली में हुआ था। पृथ्वीराज कपूर ने अपने करियर की शुरुआती यादें यहीं संजोई थीं।

* राष्ट्रीय धरोहर: पाकिस्तान सरकार ने 2016 में इसे ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित किया था, लेकिन इसके संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हो सका।

3. पाकिस्तान की विफलता और रखरखाव का मुद्दा

हवेली के ढहने से पाकिस्तान के पुरातत्व विभाग पर सवाल उठ रहे हैं:

* निजी स्वामित्व बनाम सरकार: हवेली के वर्तमान मालिक इसे गिराकर वहां कमर्शियल प्लाजा बनाना चाहते थे, जबकि सरकार इसे म्यूजियम बनाना चाहती थी। इसी खींचतान में हवेली के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।

* आर्थिक संकट: पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक हालात और फंड की कमी के कारण इस ऐतिहासिक इमारत की मरम्मत और मजबूती (Restoration) का काम सालों से लटका हुआ था।

प्रमुख जानकारी एक नजर में:

| विवरण | जानकारी |

| इमारत का नाम | कपूर हवेली (Kapoor Haveli) |

| स्थान | ढकी मुनव्वर शाह, किस्सा ख्वानी बाजार, पेशावर

| हादसे का कारण | भारी बारिश और भूकंप (3 अप्रैल 2026) |

| ऐतिहासिक महत्व | राज कपूर का जन्मस्थान और कपूर खानदान की पुश्तैनी हवेली |

| वर्तमान स्थिति | एक बड़ा हिस्सा ढहा, शेष ढांचा अत्यंत जर्जर |

विरासत प्रेमियों की प्रतिक्रिया: पेशावर के स्थानीय निवासियों और भारत-पाकिस्तान के कला प्रेमियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते इस ढांचे को सहारा (Retrofitting) दिया गया होता, तो आज यह ऐतिहासिक विरासत मलबे में तब्दील न होती।

निष्कर्ष: कपूर हवेली का गिरना केवल एक इमारत का गिरना नहीं है, बल्कि उस साझा सांस्कृतिक विरासत का अंत है जो सरहद के दोनों पार के लोगों को सिनेमा के जरिए जोड़ती थी।

 

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