उत्तराखंड

हरिपुर में संवरेगा राज्य का पहला भव्य ‘यमुना घाट’: 1 KM लंबा होगा विस्तार, लगेगी यमुना जी की 25 फुट ऊंची विशाल प्रतिमा

देहरादून जिले के हरिपुर (कालसी) में यमुना नदी के तट पर उत्तराखंड का एक नया धार्मिक और पर्यटन केंद्र आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जा रही इस योजना से जौनसार-बावर क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है।

हरिपुर में संवरेगा राज्य का पहला भव्य ‘यमुना घाट’: 1 KM लंबा होगा विस्तार, लगेगी यमुना जी की 25 फुट ऊंची विशाल प्रतिमा

देहरादून/कालसी: उत्तराखंड सरकार ऋषिकेश और हरिद्वार की तर्ज पर अब कालसी के हरिपुर में यमुना नदी के तट पर एक विशाल और भव्य घाट का निर्माण कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद इस परियोजना पर काम तेज हो गया है, जिसे आगामी बजट में भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह घाट न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई उड़ान देगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

* लंबाई और विस्तार: यमुना नदी के किनारे करीब 1 किलोमीटर लंबा भव्य घाट बनाया जा रहा है।

* धार्मिक अनुष्ठान: निर्माण पूरा होने के बाद श्रद्धालु यहाँ व्यवस्थित तरीके से स्नान, पूजा-अर्चना और भव्य यमुना आरती कर सकेंगे।

* 25 फुट ऊंची प्रतिमा: पुराने पुल के पिलर पर यमुना जी की 25 फुट ऊंची भव्य मूर्ति स्थापित करने की योजना है। इसके लिए गुजरात के मूर्तिकारों को आमंत्रित किया गया है।

* विशाल मंदिर: घाट के समीप एक बड़े मंदिर का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसके लिए समिति को भूमि दान में मिल चुकी है।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का पुनरुद्धार

हरिपुर का क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। दस्तावेजों के अनुसार, प्राचीन काल में हरिपुर एक बड़ा तीर्थ स्थल हुआ करता था, जो भीषण बाढ़ के कारण नष्ट हो गया था। सरकार अब इसी प्राचीन गौरव को पुनर्जीवित कर रही है। यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं:

* सम्राट अशोक के शिलालेख: जो इस क्षेत्र की प्राचीनता का प्रमाण हैं।

* अश्वमेघ यज्ञ स्थल: प्राचीन काल के धार्मिक अनुष्ठानों की गवाही देता स्थल।

* गुरु गोबिंद सिंह का संबंध: सिखों के दसवें गुरु के बाल्यकाल से जुड़े प्रसंग भी इस क्षेत्र से जुड़े हैं।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

वर्तमान में यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी के किनारे उत्तराखंड में कोई ऐसा बड़ा घाट नहीं है जहाँ सामूहिक स्नान या बड़े धार्मिक आयोजन हो सकें। हरिपुर में इस कमी को दूर करने की जिम्मेदारी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) को सौंपी गई है। इस धाम के विकसित होने से जौनसार-बावर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री का संकल्प

परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

“हमारी सरकार हरिपुर यमुना घाट को एक विकसित धाम के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह परियोजना हमारी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है और इसका कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।”

मुख्य बिंदु:

* कार्यदायी संस्था: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA)।

* विशेष आकर्षण: यमुना जी की विशाल प्रतिमा और हाईटेक घाट सुविधाएं।

* संरक्षण: क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा की जा रही है।

* उद्देश्य: प्राचीन तीर्थ स्थल को पुनर्जीवित करना और यमुना तीर्थ को वैश्विक पहचान दिलाना।

 

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