मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में AIMIM नेता मोफक्करुल इस्लाम गिरफ्तार, अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी
मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में AIMIM नेता मोफक्करुल इस्लाम गिरफ्तार, अब तक 35 लोगों की गिरफ्तारी
मालदा (पश्चिम बंगाल), 3 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक (सुजापुर/मोथाबाड़ी क्षेत्र) में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन और सात न्यायिक अधिकारियों को घेरकर कई घंटों तक बंधक बनाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
इस घटना का कथित मास्टरमाइंड और AIMIM नेता अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम को शुक्रवार को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, वह राज्य से भागने की कोशिश कर रहे थे और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट पकड़ने वाले थे। CID और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें हिरासत में लिया।
मुख्य घटनाक्रम:
1 अप्रैल 2026 को मालदा के कालियाचक क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन हुआ, जिसमें भीड़ ने BDO कार्यालय के बाहर भड़काऊ भाषण दिए और सात न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया। अधिकारियों को लगभग 8-9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।
मोफक्करुल इस्लाम पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उकसाया और भीड़ को जगह न छोड़ने के लिए कहा।
उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील के रूप में काम किया है और 2021 विधानसभा चुनाव में AIMIM के टिकट पर इतहार सीट से चुनाव लड़े थे।
गिरफ्तारियां:
गुरुवार तक पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF) के मोथाबाड़ी उम्मीदवार मौलाना शाहजहान अली भी शामिल थे।
मोफक्करुल इस्लाम की गिरफ्तारी के साथ कुल गिरफ्तारियों की संख्या 35 तक पहुंच गई है।
जगह-जगह छापेमारी जारी है और कई मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन हिंसा और सरकारी अधिकारियों को बंधक बनाना गंभीर अपराध है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि पूरी घटना पहले से प्लान की गई थी या नहीं।
नोट: चुनाव आयोग ने मामले की जांच NIA को सौंप दी है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। मोफक्करुल इस्लाम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि की है और कहा है कि वे मतदाता नामों की कटौती के विरोध में थे।
