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गांधी से बाबरी विवाद तक: संजय दत्त की ‘आखरी सवाल’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, 100 साल के इतिहास पर बड़े सवाल

गांधी से बाबरी विवाद तक: संजय दत्त की ‘आखरी सवाल’ का धमाकेदार टीजर रिलीज, 100 साल के इतिहास पर बड़े सवाल

मुंबई: संजय दत्त की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आखरी सवाल’ का टीजर आज हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर रिलीज कर दिया गया है। टीजर में महात्मा गांधी की हत्या के बाद लगाए गए बैन से लेकर बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसे अत्यंत संवेदनशील और विवादित ऐतिहासिक मुद्दों को उठाया गया है। फिल्म RSS के 100 साल के सफर पर आधारित बताई जा रही है और यह 100 साल, 100 सवालों के जवाब देने का दावा कर रही है।

टीजर में संजय दत्त एक ताकतवर और अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी एक विद्वान व्यक्ति ‘विकी’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सिस्टम और इतिहास के खिलाफ सवाल उठाता है। टीजर में दिखाया गया है कि “एक सवाल सिर्फ सवाल नहीं, बल्कि हथियार भी बन सकता है”। इसमें गांधी जी की हत्या के बाद संगठन पर लगे प्रतिबंध, बाबरी ढांचे से जुड़े विवाद और कई अन्य ऐतिहासिक घटनाओं के पीछे छिपे सवालों को छुआ गया है।

फिल्म की मुख्य बातें:

कास्ट: संजय दत्त (मुख्य भूमिका), नमाशी चक्रवर्ती (मिथुन चक्रवर्ती के बेटे), अमित साध, समीरा रेड्डी और अन्य।

डायरेक्टर: नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिजीत मोहन वारंग।

रिलीज डेट: 8 मई 2026 (कुछ रिपोर्ट्स में 15 मई भी बताया जा रहा है)।

थीम: फिल्म भारत के 100 वर्षों के इतिहास, RSS की यात्रा और राजनीतिक-ऐतिहासिक बहसों पर गहरी नजर डालती है। टीजर में टैगलाइन है — “100 साल, 100 सवाल, सबका जवाब”।

संजय दत्त की यह फिल्म उनके हालिया प्रोजेक्ट्स जैसे ‘धुरंधर’ के बाद आ रही है और पहले ही राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन चुकी है। टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर भारी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे साहसिक प्रयास बता रहे हैं तो कुछ इसे विवादास्पद विषयों को स्क्रीन पर लाने की कोशिश मान रहे हैं।

फिल्म के पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी ने लिखे हैं, संगीत मोंटी शर्मा का है और गीत कुमार विश्वास ने लिखे हैं। मेकर्स का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और फिल्म में कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिलेंगे।

अगर आप इतिहास, राजनीति और कोर्टरूम ड्रामा पसंद करते हैं तो ‘आखरी सवाल’ आपके लिए खास हो सकती है। टीजर देखने के बाद दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है कि फिल्म आखिरकार इतिहास के उन पन्नों को कैसे खोलेगी जिन्हें अक्सर छुआ नहीं जाता।

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