राजनीति

कोलकाता में TMC का प्रदर्शन, बेमियादी धरने पर बैठे कार्यकर्ता — फॉर्म-6 विवाद में मचा हड़कंप

कोलकाता में TMC का प्रदर्शन, बेमियादी धरने पर बैठे कार्यकर्ता — फॉर्म-6 विवाद में मचा हड़कंप

कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता 1 अप्रैल 2026 से बेमियादी धरना (indefinite sit-in) पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन मुख्य रूप से चIEF इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के दफ्तर के बाहर चल रहा है। TMC का आरोप है कि फॉर्म-6 (नए वोटर नाम जोड़ने का फॉर्म) के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है और भाजपा कार्यकर्ता फर्जी तरीके से बाहरी लोगों (खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश से) को पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में शामिल करा रहे हैं।

मामला क्या है?

फॉर्म-6 विवाद: फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए वोटरों को रजिस्टर करने के लिए होता है। TMC का दावा है कि भाजपा ने हजारों फॉर्म-6 बल्क में जमा किए हैं, जिनमें ज्यादातर फर्जी हैं। पार्टी ने इसे “वोटर हाइजैकिंग” और लोकतंत्र पर हमला बताया।

TMC ने आरोप लगाया कि इससे बंगाल की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश रची जा रही है, खासकर 2026 विधानसभा चुनाव से पहले।

कल (31 मार्च) CEO ऑफिस के बाहर TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई थी, जिसके बाद TMC ने आज से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

प्रदर्शन में TMC के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और कार्यकर्ता शामिल हैं। उन्होंने नारे लगाए और सख्त कार्रवाई की मांग की।

TMC की मांगें

फॉर्म-6 में हुई कथित अनियमितताओं की जांच हो।

फर्जी फॉर्म जमा करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

चुनाव आयोग (EC) BJP के साथ मिलीभगत नहीं करे।

स्थिति

CEO ऑफिस के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

धरना शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, लेकिन तनाव बना हुआ है।

ममता बनर्जी और TMC नेताओं ने पहले भी वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) और नाम काटने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। अब फॉर्म-6 को लेकर नया मोर्चा खुल गया है। भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है और उल्टा TMC पर वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप लगाया है।

2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए यह विवाद और तीखा होता जा रहा है। चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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