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मिडिल ईस्ट महायुद्ध: आज की 10 बड़ी खबरें

मिडिल ईस्ट महायुद्ध: आज (29 मार्च 2026) की 10 बड़ी खबरें

मिडिल ईस्ट में US-इजरायल बनाम ईरान युद्ध अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है। संघर्ष तेज होता जा रहा है, जिसमें हूती विद्रोहियों ने भी एंट्री कर ली है। यहां आज की 10 प्रमुख अपडेट्स:

इजरायल ने तेहरान पर हमले तेज किए: इजरायली सेना ने तेहरान और अन्य इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर टारगेट्स पर तीव्र एयरस्ट्राइक्स किए। ईरान ने जवाब में इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

हूती विद्रोहियों ने युद्ध में एंट्री की: यमन के ईरान-समर्थित हूती समूह ने पहली बार इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए (27-28 मार्च)। दोनों हमले इजरायली एयर डिफेंस ने रोक लिए, कोई हताहत नहीं। हूतियों ने वादा किया कि अमेरिका-इजरायल ईरान पर हमले बंद न करने तक हमले जारी रहेंगे।

अमेरिका ने और सैनिक भेजे: USS ट्रिपोली पर सवार 3,500 अमेरिकी मरीन मिडिल ईस्ट पहुंच गए। पेंटागन ग्राउंड ऑपरेशंस की तैयारी कर रहा है। ईरानी संसद स्पीकर ने कहा — “अमेरिकी सैनिकों का इंतजार है, उन्हें आग में झोंक देंगे”।

ईरान ने ग्राउंड इनवेजन की धमकी: ईरान का आरोप है कि अमेरिका बातचीत की बात करता है लेकिन गुप्त रूप से जमीनी हमले की प्लानिंग कर रहा है। ईरान ने क्षेत्र में US-इजरायली यूनिवर्सिटीज पर हमले की भी चेतावनी दी।

पाकिस्तान में डिप्लोमैटिक बैठक: पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की इस्लामाबाद में अहम बैठक चल रही है। मकसद — युद्ध को डी-एस्केलेट करना और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर चर्चा।

ईरान में हताहत बढ़े: US-इजरायली हमलों में अब तक कम से कम 1,900 लोग मारे गए (रेड क्रिसेंट के अनुसार)। तेहरान और अन्य शहरों में सिविलियन इलाकों में भी नुकसान की रिपोर्ट्स।

लेबनान में इजरायली हमले: इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह टारगेट्स पर हमले किए, जिसमें 3 पत्रकार समेत कई लोग मारे गए। हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन हमले जारी रखे।

तेल और अर्थव्यवस्था पर असर: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं। गल्फ देशों के एल्यूमिनियम प्लांट्स को ईरानी हमलों से नुकसान पहुंचा। वैश्विक शिपिंग और अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है।

इजरायल मल्टी-फ्रंट वॉर के लिए तैयार: IDF ने कहा कि वह ईरान के टॉप प्रायोरिटी टारगेट्स को नष्ट करने के करीब है और मल्टी-फ्रंट (ईरान + हिजबुल्लाह + हूती) युद्ध के लिए तैयार है।

विरोध प्रदर्शन और आलोचना: अमेरिका में लाखों लोग ट्रंप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पूर्व अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी लियोन पानेता ने कहा — “और युद्ध से शांति नहीं आएगी”।

स्थिति: युद्ध अभी भी तेज है, कोई स्पष्ट समाधान नजर नहीं आ रहा। डिप्लोमेसी की कोशिशें जारी हैं लेकिन सैन्य कार्रवाई भी बढ़ रही है। होर्मुज स्ट्रेट (जिससे दुनिया का बड़ा तेल ट्रांसपोर्ट होता है) सबसे संवेदनशील पॉइंट बना हुआ है।

नोट: हालात तेजी से बदल रहे हैं। लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विश्वसनीय न्यूज सोर्स (BBC, Al Jazeera, Reuters, CNN) चेक करें।

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