Friday, September 11, 2026
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अब सार्वजनिक जगह पर पेशाब करने वालों की खैर नहीं: 10 गुना बढ़ेगा जुर्माना, जन विश्वास बिल में कड़े बदलावों का प्रस्ताव

अब सार्वजनिक जगह पर पेशाब करने वालों की खैर नहीं: 10 गुना बढ़ेगा जुर्माना, जन विश्वास बिल में कड़े बदलावों का प्रस्ताव

केंद्र सरकार देश की राजधानी सहित अन्य क्षेत्रों में स्वच्छता और सार्वजनिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। शुक्रवार को लोकसभा में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने ‘जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। इस बिल के पारित होने के बाद, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों की जेब पर भारी बोझ पड़ने वाला है।

पब्लिक न्यूसेंस पर भारी जुर्माना

प्रस्तावित कानून के तहत दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्ट, 1957 में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं:

* पब्लिक में पेशाब करना: सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर अब 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। वर्तमान में यह राशि मात्र 50 रुपये है।

* गंदगी फैलाना: सड़कों पर बदबूदार कचरा डालने या रात के समय बिना अनुमति गोबर, खाद या गंदगी जमा करने पर भी 500 रुपये की पेनल्टी वसूली जाएगी।

* शोर-शराबा: सार्वजनिक शांति भंग करने और शोर मचाने पर भी जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।

बिना लाइसेंस दुकान चलाने वालों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

सड़कों के किनारे अनियंत्रित कमर्शियल गतिविधियों को रोकने के लिए बिल में सख्त प्रावधान हैं:

* चाय की दुकानें और ईटिंग जॉइंट्स: बिना लाइसेंस या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर चाय की दुकान, लॉजिंग हाउस या खाने-पीने की दुकान चलाने पर अब 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। पहले यह जुर्माना केवल 100 रुपये था।

पालतू जानवरों और स्वच्छता के नियम

* खुले में कुत्ता छोड़ना: अगर कोई अपने पालतू कुत्ते को बिना पट्टे के सार्वजनिक सड़क पर खुला छोड़ता है, तो उसे 50 रुपये के बजाय 1,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

* प्रदूषित वस्तु न हटाना: गंदगी या प्रदूषित सामग्री न हटाने पर पहले चेतावनी दी जाएगी, फिर बार-बार उल्लंघन करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा।

बिल्डिंग निर्माण और प्रशासनिक बदलाव

विधेयक में कुछ नियमों को उदार भी बनाया गया है ताकि भ्रष्टाचार और अनावश्यक कानूनी पेचीदगियों को कम किया जा सके:

* सेक्शन 337(4) का विलोपन: बिना नोटिस बिल्डिंग का काम शुरू करने पर लगने वाले 10,000 रुपये के जुर्माने और प्रतिदिन 500 रुपये की पेनल्टी के नियम को पूरी तरह हटा दिया गया है।

* सिविल पेनल्टी: सेक्शन 387 के तहत बिना नोटिस गायब रहने वाले सफाई कर्मचारियों को अब जेल नहीं होगी, बल्कि उन पर 500 रुपये की सिविल पेनल्टी लगाई जाएगी।

अदालत के बाहर होगा निपटारा

विधेयक की सबसे बड़ी विशेषता सेक्शन 461A है। इसके तहत ज्यादातर छोटे उल्लंघनों का फैसला अब क्रिमिनल कोर्ट के बजाय असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के म्युनिसिपल ऑफिसर करेंगे।

* अपील विंडो: अधिकारी के फैसले के खिलाफ 30 दिन के भीतर अपील की जा सकेगी।

* डेडलाइन: मामलों के निपटान के लिए 6 महीने की समय सीमा तय की गई है।

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