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बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे 9 लाख करोड़; गिरावट के ये हैं 4 बड़े कारण

आज यानी 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) को भारतीय शेयर बाजार में काली घटाएं छा गईं। सेंसेक्स और निफ्टी में इस साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1,700 अंक (2.25%) टूटकर 73,583 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 487 अंक फिसलकर 22,820 के नीचे आ गया।

इस भारी गिरावट के कारण महज एक दिन में निवेशकों के ₹9 लाख करोड़ डूब गए। बाजार में इस ‘हाहाकार’ के पीछे 4 मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

बाजार गिरने के 4 बड़े कारण

1. अमेरिका-ईरान युद्ध में भीषण तनाव (Geopolitical Tensions)

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम और ईरान की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की धमकी ने ग्लोबल मार्केट में दहशत फैला दी है। निवेशकों को डर है कि यह युद्ध लंबा खिंच सकता है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में ‘आग’ (Crude Oil Surge)

भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है। खाड़ी देशों में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें $113 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। तेल महंगा होने का सीधा मतलब है—महंगाई बढ़ना और कंपनियों के मुनाफे (Margins) में कमी आना। इसी डर से पेंट, टायर और ऑटो कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई।

3. रुपये का ऐतिहासिक पतन (Rupee at Record Low)

विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार पैसा निकालने और कच्चे तेल के बढ़ते बिल के कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 94.15 पर पहुंच गया है। कमजोर रुपया विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को भारतीय बाजार से बाहर निकलने पर मजबूर कर रहा है।

4. FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली (Foreign Fund Outflows)

विदेशी निवेशक (FIIs) पिछले 19 सत्रों से लगातार बिकवाली कर रहे हैं। आज भी उन्होंने हजारों करोड़ के शेयर बेच डाले। जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक अपना पैसा भारत जैसे उभरते बाजारों से निकालकर सोने या डॉलर जैसे सुरक्षित ठिकानों (Safe Haven) में ले जाते हैं।

सेक्टरवार नुकसान: कहाँ लगी सबसे ज्यादा चोट?

* रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL): सरकार द्वारा विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) फिर से लागू करने की खबरों के बीच रिलायंस का शेयर 4% से ज्यादा टूट गया।

* बैंकिंग और फाइनेंस: HDFC बैंक, ICICI बैंक और SBI जैसे बड़े शेयर 3-4% तक गिरे।

* आईटी (IT): अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका और युद्ध के कारण आईटी शेयरों पर भी दबाव रहा।

विशेषज्ञों की राय: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया (West Asia) से शांति के संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को इस समय ‘पैनिक’ होकर बेचने के बजाय धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है।

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