दिल्ली के स्कूलों में अब नहीं बना पाएंगे रील या शॉर्ट वीडियो, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया सख्त सर्कुलर
दिल्ली के स्कूलों में अब नहीं बना पाएंगे रील या शॉर्ट वीडियो, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया सख्त सर्कुलर
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education – DoE) ने सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाने पर बैन लगा दिया है। बुधवार को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि स्कूल परिसर में क्लास के दौरान या स्कूल आवर्स में मनोरंजन के लिए रील्स, डांस वीडियो या कोई भी नॉन-एजुकेशनल शॉर्ट वीडियो बनाना सख्ती से प्रतिबंधित होगा।
सर्कुलर में क्या कहा गया?
स्कूलों में पढ़ाई, अनुशासन और संस्था की गरिमा को बाधित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
छात्र, शिक्षक और स्टाफ किसी भी तरह से एंटरटेनमेंट या सोशल मीडिया के लिए रील्स/शॉर्ट वीडियो नहीं बना सकते।
अगर कोई शैक्षणिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए वीडियो बनाना हो तो उसके लिए पूर्व अनुमति, शिक्षक की निगरानी और छात्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता सुनिश्चित करनी होगी।
स्कूल हेड्स को निर्देश दिया गया है कि वे इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और उल्लंघन पर कार्रवाई करें।
DoE ने कहा कि हाल के दिनों में स्कूल परिसर में रील्स बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जो पढ़ाई के माहौल को प्रभावित कर रही हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पढ़ाई में बाधा: क्लास के दौरान मोबाइल निकालकर रील्स बनाना या डांस करना सीखने की प्रक्रिया को बाधित करता है।
अनुशासन की समस्या: कुछ मामलों में छात्रों द्वारा हथियार या अन्य आपत्तिजनक चीजों के साथ रील्स बनाने की घटनाएं भी सामने आई थीं।
छात्रों की सुरक्षा और गोपनीयता: बिना अनुमति के वीडियो बनने से बच्चों की प्राइवेसी का उल्लंघन हो सकता है।
स्कूल की गरिमा बरकरार रखना।
यह कदम हिमाचल प्रदेश और दिल्ली मेट्रो जैसे अन्य संस्थानों में पहले से लागू रील्स बैन की तर्ज पर लिया गया है।
स्कूलों और अभिभावकों पर क्या असर?
स्कूल प्रबंधन को अब सख्त मॉनिटरिंग करनी होगी। उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
अभिभावक इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि वे बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया एडिक्शन को लेकर पहले से चिंतित थे।
शिक्षकों को भी क्लास के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने से पहले ही रोका जा चुका है।
नोट: यह बैन पूरी तरह से स्कूल आवर्स और परिसर पर लागू है। स्कूल के बाहर या शैक्षणिक उद्देश्य से (पूर्व अनुमति लेकर) वीडियो बनाए जा सकते हैं।
दिल्ली सरकार का यह कदम छात्रों को पढ़ाई पर फोकस करने और स्कूल को अकादमिक केंद्र बनाए रखने की दिशा में माना जा रहा है। अगर आपके स्कूल में भी इस संबंध में कोई नोटिस आया है तो उसका पालन जरूर करें।
