‘मंत्री को फंसाने की सोची-समझी साजिश’, नरहरी झिरवल के कथित अश्लील वीडियो पर कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार का बड़ा बचाव
‘मंत्री को फंसाने की सोची-समझी साजिश’, नरहरी झिरवल के कथित अश्लील वीडियो पर कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार का बड़ा बचाव
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर वीडियो कांड ने भूचाल ला दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल (NCP अजित पवार गुट) के कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष हमलावर है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक विजय वडेट्टीवार ने मंत्री के बचाव में उतरते हुए इसे पूरी प्लानिंग के साथ फंसाने की साजिश बताया है।
वडेट्टीवार ने कहा, “यह मंत्री को फंसाने की सोची-समझी साजिश है। कोई पुराना वीडियो अचानक वायरल कर दिया गया है ताकि ध्यान भटकाया जा सके।”
क्या है पूरा मामला?
एक कथित वीडियो में नरहरी झिरवल को एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है।
वीडियो में शराब की बोतलें और भोजन भी नजर आ रहा है। इसे आमदार निवास (सरकारी आवास) का बताया जा रहा है।
वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष (खासकर कांग्रेस) ने मंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे “महाराष्ट्र की संस्कृति पर कलंक” बताया और तत्काल बर्खास्तगी की मांग की।
कुछ रिपोर्ट्स में वीडियो को 7 महीने पुराना बताया जा रहा है, जो अब जानबूझकर लीक किया गया।
NCP का बचाव और साजिश का आरोप
नरहरी झिरवल के अपने दल (NCP अजित पवार गुट) ने भी इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। NCP नेता अमोल मिटकरी ने कहा कि यह “मीडिया ट्रायल” है और अशोक खरात जैसे ढोंगी बाबाओं के मामलों से ध्यान हटाने के लिए पुराना वीडियो बाहर लाया गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि झिरवल ने सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग की थी, जिसके बाद उनके कार्यालय पर ACB का ट्रैप लगाया गया और अब यह वीडियो लीक हुआ।
पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब नरहरी झिरवल का कार्यालय पहले ही रिश्वतखोरी के मामले में सुर्खियों में था। एसीबी ने उनके कार्यालय के एक लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। अब वीडियो कांड ने महायुति सरकार में नई बहस छेड़ दी है।
विपक्ष इसे नैतिकता का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्ताधारी पक्ष और कुछ विपक्षी नेता (जैसे वडेट्टीवार) इसे बदनाम करने की साजिश मान रहे हैं।
नोट: वीडियो की सत्यता की अभी स्वतंत्र जांच नहीं हुई है। पुलिस या एसीबी की तरफ से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। मंत्री नरहरी झिरवल ने अभी तक इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
महाराष्ट्र की राजनीति में वीडियो और पेन ड्राइव की एंट्री अक्सर सियासी हथियार बन जाती है। जांच आगे बढ़ने पर ही सच्चाई सामने आएगी।
