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PSL पर आतंकी साया: ‘PAK में खेलने आए तो मार देंगे’, विदेशी दिग्गजों को मिली खुली धमकी

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के आगामी सीजन से पहले क्रिकेट जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विदेशी खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों को पाकिस्तान में कदम रखने पर जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान पहले से ही सुरक्षा चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय टीमों के दौरों को लेकर संघर्ष कर रहा है।

PSL पर आतंकी साया: ‘PAK में खेलने आए तो मार देंगे’, विदेशी दिग्गजों को मिली खुली धमकी

इस्लामाबाद/कराची: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के शुरू होने से पहले ही विवादों और डर का साया मंडराने लगा है। खबरों के अनुसार, सोशल मीडिया और कुछ प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की ओर से विदेशी क्रिकेटरों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे पाकिस्तान खेलने आए, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

धमकी के पीछे की बड़ी वजहें

* सांप्रदायिक और राजनीतिक अस्थिरता: पाकिस्तान के भीतर शिया-सुन्नी विवाद और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश के बीच, चरमपंथी गुट इस अस्थिरता का फायदा उठाना चाहते हैं।

* विदेशी खिलाड़ियों को निशाना: धमकी में विशेष रूप से उन बड़े नामों को चेतावनी दी गई है जो पिछले कुछ सालों से नियमित रूप से पाकिस्तान का दौरा कर रहे हैं।

* TTP और अन्य गुटों की सक्रियता: सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए क्रिकेट को निशाना बना रहे हैं।

क्रिकेट दिग्गजों की चिंता और बोर्ड की प्रतिक्रिया

* खिलाड़ियों का पीछे हटना: इस धमकी के बाद कई विदेशी खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धता पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। कुछ खिलाड़ियों के एजेंटों ने सुरक्षा की अतिरिक्त गारंटी मांगी है।

* PCB का दावा: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा है कि, “खिलाड़ियों को ‘प्रेसिडेंशियल लेवल’ की सुरक्षा दी जाएगी। यह पाकिस्तान की छवि बिगाड़ने की एक साजिश है।”

* सुरक्षा बजट में बढ़ोतरी: सेना और स्थानीय पुलिस ने मिलकर कराची और लाहौर के स्टेडियमों के आसपास 5-लेयर सुरक्षा घेरा बनाने का फैसला किया है।

क्या रद्द होगा PSL?

हालांकि अभी तक टूर्नामेंट रद्द होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एक भी खिलाड़ी सुरक्षा कारणों से नाम वापस लेता है, तो यह ‘डोमिनो इफेक्ट’ शुरू कर सकता है और पूरी लीग खतरे में पड़ सकती है।

विशेषज्ञ की राय: “पाकिस्तान में क्रिकेट और राजनीति हमेशा से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में जो आंतरिक तनाव (ईरान मुद्दे और घरेलू उथल-पुथल) है, उसने विदेशी टीमों के मन में फिर से 2009 जैसा डर पैदा कर दिया है।”

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