रुद्रपुर में बड़ा खुलासा: करोड़ों की NCERT किताबों का जखीरा बरामद, फर्जी बिलिंग के खेल से हड़कंप
रुद्रपुर में बड़ा खुलासा: करोड़ों की NCERT किताबों का जखीरा बरामद, फर्जी बिलिंग के खेल से हड़कंप
रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित कीरतपुर क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनसीईआरटी (NCERT) की करोड़ों रुपये मूल्य की किताबें बरामद की हैं। शुरुआती जांच में इन किताबों की बिलिंग पूरी तरह फर्जी पाई गई है, जिससे शिक्षा जगत और प्रशासन में खलबली मच गई है।
छापेमारी की मुख्य बातें:
* बरामदगी: लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये कीमत की एनसीईआरटी किताबें।
* कब्जे में ट्रक: किताबों से लदा एक ट्रक भी मौके से सीज किया गया है।
* लापता कर्मचारी: छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला, जिससे अवैध कारोबार की पुष्टि की आशंका गहरा गई है।
रातभर चली निगरानी, सुबह टूटा ताला
मामले की शुरुआत देर रात पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना से हुई। मुखबिर ने बताया कि कीरतपुर के एक गोदाम से ट्रक के जरिए भारी मात्रा में किताबें कहीं भेजी जा रही हैं।
* तत्काल एक्शन: कोतवाल मनोज रतूड़ी ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) हरेंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे।
* सुरक्षा घेरा: रात के समय प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस ने रातभर गोदाम की घेराबंदी कर कड़ी निगरानी रखी।
* सयुंक्त कार्रवाई: अगले दिन सुबह तहसीलदार दिनेश कुटौला के नेतृत्व में टीम ने गोदाम का ताला तोड़ा, जहाँ किताबों का विशाल भंडार और लदा हुआ ट्रक मिला।
फर्जीवाड़े का शक और अधिकृत प्रिंटर्स का पेच
जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया किताबों की बिलिंग संदिग्ध और फर्जी लग रही है। उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए केवल तीन प्रिंटर्स को ही अधिकृत किया है:
* राज इंटरप्राइजेस
* दीपक प्रिंटर्स
* आज तक प्रिंटर्स (मथुरा)
इनके अलावा किसी भी अन्य संस्था द्वारा छपाई करना पूरी तरह अवैध है। विभाग अब यह पता लगा रहा है कि ये किताबें किस प्रिंटिंग प्रेस से आई थीं और इनका गंतव्य कहाँ था।
NCERT की टीम करेगी बड़ी जांच
प्रशासन ने इस बड़े फर्जीवाड़े की सूचना शिक्षा विभाग निदेशालय देहरादून और दिल्ली स्थित एनसीईआरटी मुख्यालय को दे दी है।
“किताबों के सैंपल जांच के लिए ले लिए गए हैं। सोमवार को एनसीईआरटी की विशेष टीम के रुद्रपुर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि ये किताबें असली हैं या इनकी पायरेसी की जा रही थी— हरेंद्र मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी
वर्तमान स्थिति: फिलहाल गोदाम को पुलिस सुरक्षा में सील कर दिया गया है। पुलिस उन रसूखदारों और सिंडिकेट की तलाश कर रही है जो फर्जी बिलिंग के सहारे सरकारी शिक्षा प्रणाली को चूना लगा रहे थे।
