उत्तराखंड में मौसम का डबल अटैक: 24 घंटे का येलो अलर्ट और अगले दो दिन ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी; 60kmph की रफ्तार से आएगा तूफान
उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के पहाड़ी और मैदानी, दोनों क्षेत्रों के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज तूफान की चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड में मौसम का डबल अटैक: 24 घंटे का येलो अलर्ट और अगले दो दिन ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी; 60kmph की रफ्तार से आएगा तूफान
देहरादून: देवभूमि में एक बार फिर कुदरत के तेवर तल्ख होने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने संयुक्त रूप से अलर्ट जारी करते हुए निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।
1. अगले 24 घंटे: 5 जिलों में ‘येलो अलर्ट’
आज (14 मार्च) दोपहर से कल (15 मार्च) दोपहर 1:45 बजे तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
* प्रभावित क्षेत्र: उत्तरकाशी (बड़कोट, पुरोला), चमोली (जोशीमठ, बदरीनाथ, थराली), बागेश्वर (कपकोट) और पिथौरागढ़ (मुनस्यारी, बेरीनाग)।
* खतरा: इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली गिरने की आशंका है।
2. 15 और 16 मार्च: भारी तबाही का ‘ऑरेंज अलर्ट’
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार और सोमवार को लेकर ज्यादा गंभीर चेतावनी जारी की है।
* रविवार (15 मार्च): देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत में भारी गर्जना, बिजली गिरने और ओलावृष्टि (Hailstorm) का अलर्ट है।
* सोमवार (16 मार्च): इन सात जिलों में फिर से ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तूफान आने की आशंका है। पहाड़ी जिलों में बारिश के तेज दौर देखने को मिलेंगे।
3. आगामी सप्ताह का पूर्वानुमान
* 17 मार्च: मौसम में थोड़ी शांति रहेगी और आसमान साफ रहने की उम्मीद है।
* 18 मार्च: एक बार फिर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बिजली गिरने और तूफान का दौर शुरू हो सकता है।
* 19 मार्च तक: पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
सावधानियां और प्रभाव
* यात्री ध्यान दें: चारधाम रूट और ऊंचाई वाले इलाकों में जाने वाले पर्यटक मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें।
* किसानों को नुकसान: ओलावृष्टि और तेज हवाओं से रबी की फसलों (खासकर गेहूं और फलों के बागानों) को नुकसान पहुंच सकता है।
* बिजली और यातायात: तेज तूफान के कारण पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
