उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण: जापान में इमरजेंसी अलर्ट, PMO ने जारी की चेतावनी
उत्तर कोरिया की इस नई उकसावे वाली कार्रवाई ने पूर्वी एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। आज यानी 14 मार्च 2026 को उत्तर कोरिया ने एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (संभावित बैलिस्टिक मिसाइल) दागा, जिसके बाद जापान में हड़कंप मच गया।
उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण: जापान में इमरजेंसी अलर्ट, PMO ने जारी की चेतावनी
टोक्यो, 14 मार्च 2026: उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक बार फिर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए जापान के तट की ओर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल दागा है। इस घटना के तुरंत बाद जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया और नेशनल ब्रॉडकास्ट के जरिए देश में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया।
PMO और सरकार का आधिकारिक बयान
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जनता को सतर्क करते हुए कहा:
“[Emergency Alert] उत्तर कोरिया ने एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है। अधिक अपडेट के लिए प्रतीक्षा करें।”
प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए हैं। पीएमओ के भीतर संकट प्रबंधन केंद्र में अधिकारियों की एक टीम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है।
मुख्य अपडेट और अब तक की स्थिति
* लॉन्च का समय: जापान कोस्ट गार्ड के अनुसार, मिसाइल दोपहर लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) दागी गई।
* मिसाइल का प्रकार: दक्षिण कोरियाई और जापानी सेना इसे एक बैलिस्टिक मिसाइल मान रही है। रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने करीब 10 मिसाइलों की बौछार की है।
* कहां गिरी मिसाइल: शुरुआती रक्षा आकलन के अनुसार, मिसाइल जापानी जलक्षेत्र के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी है। फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
* सुरक्षा निर्देश: कोस्ट गार्ड ने समुद्र में मौजूद जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु के पास न जाने की सलाह दी है।
तनाव की वजह: अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह कदम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे सालाना वसंत सैन्य अभ्यास (Spring Military Drills) का जवाब है। उत्तर कोरिया अक्सर इन अभ्यासों को ‘युद्ध की तैयारी’ के रूप में देखता है और इसी तरह के परीक्षणों से अपनी नाराजगी जाहिर करता है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरियाई सेना ने भी इस लॉन्च की पुष्टि की है और अपनी चौकसी बढ़ा दी है। जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने पहले ही क्षेत्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर कड़ा रुख अपनाने का संकल्प लिया था, ऐसे में जापान की ओर से कड़े कूटनीतिक विरोध की उम्मीद है।
