‘ये मुल्क आपके बाप का नहीं…’ संभल CO के वीडियो पर भड़के ओवैसी, बोले—नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हैं!
‘ये मुल्क आपके बाप का नहीं…’ संभल CO के वीडियो पर भड़के ओवैसी, बोले—नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हैं!
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तैनात सीओ कुलदीप कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जमकर निशाना साधा है। वीडियो पीस कमेटी की बैठक का है, जहां CO ने ईरान-इजरायल संघर्ष को लेकर भावनाएं जताने वाले लोगों (खासकर मुस्लिम समुदाय) को चेतावनी दी: “कुछ लोग ईरान के लिए छाती पीट रहे हैं… अगर इतना कुछ है तो चले जाओ ईरान… अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी तो बढ़िया वाला इलाज करेंगे।”
ओवैसी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “ये मुल्क संभल CO कुलदीप कुमार के बाप का नहीं है! देश संविधान से चलता है, किसी की जागीर नहीं।” उन्होंने CO पर आरोप लगाया कि वे नेतन्याहू (इजरायल PM) की जुबान बोल रहे हैं—एक तरफ प्रो-इजरायल रैलियों को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ईरान के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर धमकी देते हैं। ओवैसी ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात कहने और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है, पुलिस को पक्षपात नहीं करना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
वीडियो संभल की पीस कमेटी बैठक का है, जहां CO ने ईरान पर इजरायली हमलों के विरोध में भावनाएं जताने वालों को “ईरान जाओ और लड़ो” कहकर चेताया।
CO ने कहा: “नमाज पढ़ने वालों को कोई रोक नहीं रहा, लेकिन अगर ईरान के लिए कुछ होगा तो इलाज करेंगे।”
यह बयान ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच भारत में बढ़ते तनाव के बीच आया, जहां कई जगहों पर प्रो-फिलिस्तीन/ईरान प्रदर्शन हो रहे हैं।
ओवैसी ने X (ट्विटर) पर पोस्ट किया: “ये मुल्क! संभल CO के बाप का नहीं है….” और वीडियो शेयर किया, जिस पर हजारों लाइक्स और कमेंट्स आए।
AIMIM के अन्य नेता जैसे शादाब चौहान ने भी इसे मुसलमानों को धमकाने वाला बताया।
प्रतिक्रियाएं और आगे क्या?
संभल SP ने CO से सफाई मांगी है, और मामला राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोग CO का समर्थन कर रहे हैं (कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए), जबकि मुस्लिम समुदाय और विपक्षी नेता इसे पक्षपात बताते हैं।
ओवैसी ने कहा कि अगर पुलिस पक्षपात करेगी तो संविधान का उल्लंघन होगा।
यह घटना ईरान-इजरायल युद्ध के भारत पर पड़ते प्रभाव को दिखाती है—क्या पुलिस को ऐसे बयान देने चाहिए? या ओवैसी की प्रतिक्रिया सही है? कमेंट में अपनी राय बताएं!
