‘रेस्तरां-होटल बंद, 1 करोड़ लोगों की बेरोजगारी का खतरा’… LPG की कमी पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा तीखा निशाना
‘रेस्तरां-होटल बंद, 1 करोड़ लोगों की बेरोजगारी का खतरा’… LPG की कमी पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा तीखा निशाना
नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने से भारत में कमर्शियल LPG (नीला सिलेंडर) की भारी कमी गहरा गई है। इससे होटल, रेस्तरां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर संकट मंडरा रहा है। मुंबई में पहले से ही 20% होटल-रेस्तरां बंद हो चुके हैं, और अगले 2-4 दिनों में 50% तक बंद होने का खतरा है। दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और अन्य शहरों में भी स्थिति बिगड़ रही है।
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को इस संकट पर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर देश भर में अन्य कमर्शियल संस्थानों को LPG सप्लाई बंद कर दी गई है। केजरीवाल ने कहा, “रेस्तरां और होटल बंद हो रहे हैं, जिससे 1 करोड़ लोगों की नौकरियां खतरे में हैं। आने वाले दिनों में गैस और तेल की स्थिति और खराब होगी।”
केजरीवाल के मुख्य हमले
केंद्र सरकार पर आरोप: “पीएम मोदी ट्रंप के सामने झुक गए हैं, इसलिए भारत को यह संकट झेलना पड़ रहा है।”
सप्लाई बंद होने का दावा: “घरेलू उपयोग के लिए गैस दी जा रही है, लेकिन कमर्शियल सेक्टर को रोक दिया गया।”
बेरोजगारी का खतरा: “होटल-रेस्तरां बंद होने से लाखों-करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी पर असर। छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित।”
मनीष सिसोदिया ने भी कहा: “सिलेंडर महंगे हो रहे हैं, कारोबारियों को नुकसान। मोदी जी का गिफ्ट है यह।”
संकट की वजह और प्रभाव
मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: होर्मुज से 90% आयात प्रभावित, भारत में दैनिक उत्पादन 50% तक घटा।
शहरों में स्थिति:
मुंबई: 20% होटल बंद, 50% पर खतरा (AHAR एसोसिएशन)।
दिल्ली: रेस्तरां 4 दिनों में ठप होने की चेतावनी (NRAI)।
बेंगलुरु/चेन्नई: स्टॉक 12-72 घंटे बचा, मेन्यू कम कर दिया।
अन्य शहर: तेलंगाना, कर्नाटक में भी क्लोजर की चेतावनी।
सरकार का रुख: पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी। रिफाइनरीज को उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपयोग के लिए डायवर्ट करने का आदेश। बुकिंग पीरियड 21 से 25 दिनों कर दिया (जमाखोरी रोकने के लिए)। हाई-लेवल कमिटी गठित।
उद्योग की चेतावनी
होटल एसोसिएशंस ने कहा: “अगर सप्लाई नहीं सुधरी तो बड़े पैमाने पर बंदी, नौकरियां जाएंगी।” कई जगह ब्लैक मार्केट से गैस लेने की मजबूरी।
राजनीतिक बयानबाजी: केजरीवाल ने इसे “मोदी सरकार की नाकामी” बताया, जबकि केंद्र ने कहा कि यह वैश्विक जियोपॉलिटिकल डिसरप्शन है।
यह संकट घरेलू उपभोक्ताओं तक भी पहुंच रहा है, जहां लंबी कतारें लग रही हैं। स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है—अगर युद्ध लंबा चला तो ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
