अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान का ‘महा-प्रतिशोध’: 11 दिन में 11 देशों पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार, खामेनेई की मौत के बाद दहला मिडिल ईस्ट

ईरान का ‘महा-प्रतिशोध’: 11 दिन में 11 देशों पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार, खामेनेई की मौत के बाद दहला मिडिल ईस्ट

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हाल ही में एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) में हुई मौत ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंक दिया है। ईरान की ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) ने अपने नेता की हत्या का बदला लेने के लिए ‘महासंग्राम’ छेड़ दिया है। पिछले 11 दिनों में ईरान ने न केवल इजरायल, बल्कि उन सभी 11 पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाया है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं या जो अमेरिका के सहयोगी माने जाते हैं।

इन 11 देशों पर ईरान ने बरसाए बम

ईरान ने अपने विशाल मिसाइल और ड्रोन बेड़े का उपयोग करते हुए निम्नलिखित देशों और क्षेत्रों में हमले किए हैं:

* इजरायल: तेल अवीव और मध्य इजरायल के कई शहरों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।

* संयुक्त अरब अमीरात (UAE): दुबई और अबू धाबी के पास स्थित अल धफरा एयर बेस और नागरिक ठिकानों पर हमले हुए।

* सऊदी अरब: राजधानी रियाद और ऊर्जा ठिकानों के पास धमाके सुने गए।

* बहरीन: यहाँ स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (5th Fleet) को निशाना बनाया गया।

* कतर: अल उदेद एयर बेस (क्षेत्र का सबसे बड़ा अमेरिकी बेस) पर ड्रोन हमले हुए।

* कुवैत: अमेरिकी सेना के रसद केंद्रों और कैंप अरिफजान पर मिसाइलें गिरीं।

* इराक (और कुर्दिस्तान): इरबिल और बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास और सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया।

* जॉर्डन: ईरानी मिसाइलों के मलबे और सीधे हमले से यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।

* अजरबैजान: ईरान ने अजरबैजान पर इजरायल की मदद करने का आरोप लगाते हुए ड्रोन हमले किए।

* तुर्की: अमेरिकी सैन्य ठिकानों (इंसिर्लिक एयर बेस) के पास मिसाइलें गिरने की खबरें आईं।

* साइप्रस: पहली बार ईरान के ड्रोन यूरोपीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए और साइप्रस में ब्रिटिश सैन्य ठिकाने (अक्रोटिरी) को निशाना बनाया।

युद्ध के विनाशकारी आंकड़े

* ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान ने अब तक 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और हजारों ‘कामिकेज़’ ड्रोन लॉन्च किए हैं।

* हताहत: रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में अब तक 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अमेरिकी सैनिक और नागरिक शामिल हैं।

* आर्थिक चोट: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई ठप हो गई है और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

क्यों भड़का यह विवाद?

यह पूरा संकट 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान अली खामेनेई के आवास को तबाह कर दिया। अमेरिका का दावा है कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए ‘अंतिम विकल्प’ के रूप में किया गया था। खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सत्ता ढांचे में दरार आ गई है, लेकिन IRGC अब बिना किसी नियंत्रण के हमले कर रही है।

“हमने अपने नेता के खून के हर कतरे का हिसाब लेने की कसम खाई है। जब तक अमेरिकी सेना इस क्षेत्र को नहीं छोड़ती, आसमान से आग बरसती रहेगी।”— IRGC प्रवक्ता (सरकारी मीडिया के माध्यम से)

ताजा स्थिति: अब क्या होगा?

अमेरिका ने ईरान के अंदर 1,000 से अधिक हवाई हमले (सॉर्टीज़) किए हैं, जिससे ईरान की मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता को 40% तक कम करने का दावा किया गया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठकें बेनतीजा रही हैं। दुनिया अब एक ‘पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध’ के मुहाने पर खड़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *