संसदीय संग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कल वोटिंग! BJP ने सांसदों के लिए जारी किया ‘थ्री-लाइन व्हिप’
संसदीय संग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कल वोटिंग! BJP ने सांसदों के लिए जारी किया ‘थ्री-लाइन व्हिप’
लोकसभा में इस समय राजनीतिक तापमान चरम पर है। विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बीच, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए कड़ा ‘थ्री-लाइन व्हिप’ जारी किया है। पार्टी ने निर्देश दिया है कि 11 मार्च (बुधवार) को सभी सांसद पूरे समय सदन में उपस्थित रहें और सरकार के पक्ष में मतदान करें।
विपक्ष का आरोप और अविश्वास प्रस्ताव
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के लगभग 118 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है। विपक्ष के मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
* पक्षपातपूर्ण रवैया: विपक्ष का आरोप है कि सदन के संचालन के दौरान विपक्षी नेताओं, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया।
* सांसदों का निलंबन: बजट सत्र के पहले चरण में 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन को भी प्रस्ताव का आधार बनाया गया है।
* संवैधानिक मर्यादा: विपक्ष का कहना है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के संदर्भों को रोकने और चर्चा न करने देना संसदीय परंपराओं के खिलाफ था।
सदन में बदला हुआ नजारा
संसदीय नियमों के अनुसार, जब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तो वे स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते।
* आज (10 मार्च) जब इस पर चर्चा शुरू हुई, तो ओम बिरला सदस्यों के बीच सत्ता पक्ष की अग्रिम पंक्ति में बैठे नजर आए।
* सदन के संचालन की जिम्मेदारी ‘पैनल ऑफ चेयरपर्सन्स’ के सदस्य संभाल रहे हैं।
बीजेपी की रणनीति और व्हिप का महत्व
बीजेपी ने अपने मुख्य सचेतक (Chief Whip) डॉ. संजय जायसवाल के माध्यम से सांसदों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कल का दिन सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। व्हिप में लिखा है:
“सभी सदस्य 11 मार्च को सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही स्थगित होने तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और सरकार के रुख का मजबूती से समर्थन करें।”
सत्तारूढ़ गठबंधन (NDA) के पास पर्याप्त बहुमत है, ऐसे में इस प्रस्ताव के गिरने की पूरी संभावना है। हालांकि, बीजेपी इस मौके का उपयोग अपनी एकजुटता दिखाने और विपक्ष के आरोपों को बेअसर करने के लिए करना चाहती है।
अगले 24 घंटे क्यों हैं अहम?
* चर्चा का जवाब: संभावना है कि कल सरकार की ओर से कोई वरिष्ठ मंत्री या स्वयं प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब दे सकते हैं।
* वोटिंग की प्रक्रिया: चर्चा समाप्त होने के बाद यदि विपक्षी सदस्य मतविभाजन (Division of Votes) की मांग करते हैं, तो पर्चियों या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के जरिए मतदान होगा।
* TMC का रुख: पहले तटस्थ रहने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है, जिससे विपक्ष का संख्या बल बढ़ा है।
