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Meta AI Glasses विवाद: प्राइवेट वीडियो देखने के आरोप, कंपनी पर मुकदमा और रेगुलेटरी जांच

Meta AI Glasses विवाद: प्राइवेट वीडियो देखने के आरोप, कंपनी पर मुकदमा और रेगुलेटरी जांच

Meta (फेसबुक की पैरेंट कंपनी) के Ray-Ban Meta AI स्मार्ट ग्लासेस को लेकर बड़ा प्राइवेसी स्कैंडल सामने आया है। स्वीडिश अखबारों Svenska Dagbladet और Göteborgs-Posten की जांच में खुलासा हुआ कि केन्या स्थित सब-कॉन्ट्रैक्टर (Sama कंपनी) के कर्मचारी यूजर्स के रिकॉर्ड किए गए वीडियो को देख रहे हैं, जिनमें बेहद प्राइवेट और इंटीमेट मोमेंट्स शामिल हैं—जैसे बाथरूम में जाना, नग्न होना, सेक्स सीन और बैंक डिटेल्स दिखना।

मुख्य आरोप क्या हैं?

ये वीडियो AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए डेटा लेबलिंग (annotate) करने भेजे जाते हैं।

कई वीडियो ऐसे हैं जहां यूजर्स या आसपास के लोग नहीं जानते कि ग्लासेस रिकॉर्ड कर रही हैं।

ऑटोमेटिक फिल्टर (जैसे फेस ब्लर) अक्सर फेल हो जाते हैं, जिससे पहचान आसानी से हो जाती है।

एक कर्मचारी ने कहा: “हम सब कुछ देखते हैं—लिविंग रूम से लेकर नग्न बॉडी तक।”

कंपनी का जवाब

Meta ने कहा कि यूजर्स द्वारा शेयर न किए गए मीडिया डिवाइस पर ही रहता है। लेकिन AI फीचर्स के लिए कुछ कंटेंट (फिल्म्स, इमेजेस) को सुधार के लिए रिव्यू किया जाता है। कंपनी ने प्राइवेसी प्रोटेक्शन के लिए फिल्टरिंग का दावा किया है, लेकिन जांच में यह कमजोर पाया गया। Meta ने कहा कि वो डेटा प्रोटेक्शन को बहुत गंभीरता से लेती है और लगातार सुधार कर रही है।

कानूनी और रेगुलेटरी एक्शन

अमेरिका में क्लास एक्शन मुकदमा: कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी के दो यूजर्स ने सैन फ्रांसिस्को फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया। आरोप: फॉल्स एडवरटाइजिंग, फ्रॉड, कॉन्ट्रैक्ट ब्रेक और प्राइवेसी लॉ उल्लंघन। कंपनी ग्लासेस को “Designed for privacy, controlled by you” कहकर बेचती है, लेकिन रियलिटी अलग है।

यूके में ICO जांच: UK का डेटा रेगुलेटर Information Commissioner’s Office (ICO) ने Meta को लेटर लिखा है और रिपोर्ट की “चिंताजनक” बातों पर जानकारी मांगी है।

प्राइवेसी एक्सपर्ट्स की चिंता

यह मामला स्मार्ट ग्लासेस की बढ़ती लोकप्रियता के बीच प्राइवेसी रिस्क को उजागर करता है। कई जगहों पर कंपनियां और यूनिवर्सिटी अब इन ग्लासेस को बैन कर रही हैं। यूजर्स को सलाह: प्राइवेट जगहों में रिकॉर्डिंग लाइट चेक करें और AI फीचर्स ऑफ रखें अगर संभव हो।

यह विवाद Meta के AI हार्डवेयर (Ray-Ban Meta Glasses) की प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल खड़े कर रहा है, और आगे और मुकदमे/जांच की आशंका है।

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